खाद के बोरे में 73.72 लाख की नकदी, नामली पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप….
बिना नंबर की नई क्रेटा से मिली नोटों की गड्डियां, युवक ने पहले जमीन बिक्री तो बाद में सोना खरीदने की बताई वजह; दस्तावेजों के सत्यापन में जुटी पुलिस, आयकर विभाग और ईडी को भी दी सूचना

(www.csnn24.com) रतलाम/ नामली थाना पुलिस ने शनिवार शाम पंचेड़ फंटे के पास कार्रवाई करते हुए एक बिना नंबर की नई क्रेटा कार से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। कार की तलाशी के दौरान पीछे की सीट के नीचे रखे खाद के प्लास्टिक बोरे में नोटों की गड्डियां मिलीं। पुलिस ने जब पूरी रकम की गिनती कराई तो 73 लाख 72 हजार 500 रुपए सामने आए। इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद पुलिस ने रकम को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
कार चला रहे मिजान खान (30), पिता रईस खान, निवासी उमट पालिया से पुलिस ने नकदी के संबंध में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान युवक द्वारा रकम के स्रोत को लेकर अलग-अलग जानकारी दिए जाने के कारण पुलिस अब दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरी स्थिति स्पष्ट करने में जुटी है।
मुखबिर की सूचना पर फंटे पर घेराबंदी
पुलिस के अनुसार शनिवार शाम थाना नामली को सूचना मिली थी कि एक कार में बड़ी मात्रा में नकदी लेकर व्यक्ति क्षेत्र से गुजर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पंचेड़ फंटे के आसपास निगरानी शुरू की। शाम करीब 6.30 बजे बिना नंबर की नई क्रेटा कार दिखाई देने पर पुलिस ने उसे रोक लिया।
कार की तलाशी के दौरान पुलिस को पीछे की सीट के नीचे खाद का एक प्लास्टिक बोरा रखा दिखाई दिया। सामान्य तौर पर खाद का बोरा होने के कारण शुरुआत में उस पर ज्यादा ध्यान नहीं गया, लेकिन जांच के दौरान बोरे को खोलने पर अंदर नोटों की गड्डियां मिलीं। इसके बाद पुलिस ने कार और नकदी को कब्जे में लेकर युवक से पूछताछ शुरू की।
नोटों की गिनती के लिए मंगानी पड़ी मशीन
बोरे से निकली नकदी इतनी अधिक थी कि पुलिस को उसकी गिनती के लिए स्थानीय व्यापारियों से नोट गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ीं। दो मशीनों की सहायता से रकम की गिनती की गई।
पुलिस के मुताबिक नकदी में 500 रुपए के 135 बंडल, 200 रुपए के 15 बंडल और 100 रुपए के 32 बंडल शामिल थे। इसके अलावा 500 रुपए के पांच नोट अलग से मिले। पूरी रकम की गिनती के बाद कुल 73,72,500 रुपए होना पाया गया।
रकम की बरामदगी के बाद पुलिस ने इसे जब्ती में लेकर आगे की जांच शुरू की।
पूछताछ में पहले जमीन बिक्री की बात
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मिजान खान से जब पूछा गया कि इतनी बड़ी रकम उसके पास कहां से आई तो उसने शुरुआत में बताया कि उसने जमीन बेची है और उसी से प्राप्त रकम लेकर वह जा रहा था।
पुलिस ने जब जमीन की बिक्री, रजिस्ट्री और भुगतान से संबंधित दस्तावेज मांगे तो युवक तत्काल कोई ठोस कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद उसने जमीन बिक्री के लिए स्टाम्प लिखवाने की बात कही। पुलिस ने इस संबंध में भी दस्तावेज मांगे हैं।
युवक ने पूछताछ में यह भी बताया कि कुछ दिन पहले उसके बड़े पापा सादिक खान ने उसकी जमीन खरीदी थी और उसके बदले रकम दी थी। अब पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है कि वास्तव में जमीन का सौदा हुआ था या नहीं और यदि हुआ तो उसमें कितनी राशि का लेन-देन हुआ।
बाद में कहा—सोना खरीदने रतलाम गया था
पूछताछ के दौरान युवक द्वारा नकदी के संबंध में एक और जानकारी दी गई। उसने बताया कि वह रतलाम के सराफा बाजार में सोना खरीदने गया था। वहां सोने का भाव उसे उचित नहीं लगा, इसलिए उसने सोना नहीं खरीदा और वापस लौट रहा था।
पुलिस ने उससे यह जानने की कोशिश की कि वह रतलाम में किस सराफा दुकान या शोरूम में गया था। इस पर युवक ने बताया कि उसने मोबाइल पर सोने के भाव को लेकर बातचीत की थी और किसी दुकान के अंदर जाकर खरीदारी नहीं की थी।
युवक के बयानों में सामने आए अंतर को देखते हुए पुलिस अब उसके दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही है।
नई क्रेटा भी जांच का हिस्सा
नकदी के साथ-साथ पुलिस उस क्रेटा कार की भी जांच कर रही है, जिसमें रकम मिली है। पूछताछ में मिजान ने बताया कि कार करीब एक महीने पहले खरीदी गई थी। उसके अनुसार वाहन उसके मामू के बेटे जुबेर, निवासी देवास के नाम पर है।
पुलिस वाहन के दस्तावेजों की जांच करने के साथ यह भी पता लगा रही है कि कार कब और कहां से चली थी। नामली पहुंचने के पहले वाहन किन-किन स्थानों से गुजरा और रास्ते में उसके साथ कौन-कौन लोग थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
इसके लिए पुलिस संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है।
आयकर विभाग और ईडी को भेजी सूचना
73 लाख से अधिक की नकदी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी दी है। पुलिस के अनुसार संबंधित एजेंसियों को ई-मेल के माध्यम से सूचना भेजी गई है।
अब जमीन बिक्री से संबंधित दस्तावेज सामने आने पर उनका सत्यापन किया जाएगा। पुलिस यह भी देखेगी कि जमीन किसके नाम थी, बिक्री कब हुई, खरीदार कौन था, भुगतान किस तरीके से किया गया और बरामद रकम का उस लेन-देन से कोई संबंध है या नहीं।
हवाला एंगल से भी पड़ताल
इतनी बड़ी नकदी के संबंध में फिलहाल पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं रकम किसी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से तो संबंधित नहीं है।
इसी वजह से हवाला के संभावित एंगल को भी जांच में शामिल किया गया है। हालांकि अभी तक पुलिस ने बरामद रकम को हवाला की राशि घोषित नहीं किया है। यह स्थिति जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी।
अधिवक्ता ने बताया प्रॉपर्टी बिक्री का पैसा
मामले की जानकारी मिलने के बाद मिजान खान के चाचा इफ्तार खान और अधिवक्ता महेंद्रसिंह सिसोदिया भी नामली थाने पहुंचे।
अधिवक्ता का कहना है कि मिजान ने कुछ दिन पहले प्रॉपर्टी बेची थी और उसी रकम से सोना खरीदने के लिए वह रतलाम गया था। सोने का सौदा नहीं होने के कारण वह रकम लेकर वापस लौट रहा था। उनका कहना है कि प्रॉपर्टी बिक्री से जुड़े दस्तावेज पुलिस और आयकर विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संभाला मोर्चा
नकदी बरामद होने की जानकारी मिलने के बाद एसडीओपी किशोर पाटनवाला और एएसपी राकेश पंद्रो नामली थाने पहुंचे। अधिकारियों ने पुलिस टीम से कार्रवाई की जानकारी ली और बरामद नकदी व वाहन के संबंध में पूछताछ की।
एएसपी राकेश पंद्रो के अनुसार युवक ने जमीन बेचने से रकम प्राप्त होने की बात कही है। उससे संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेज प्राप्त होने के बाद उनका सत्यापन कराया जाएगा। फिलहाल रकम पुलिस की जब्ती में सुरक्षित रखी गई है।
अब दस्तावेज बताएंगे रकम की असली कहानी
नामली पुलिस की इस कार्रवाई के बाद फिलहाल पूरा मामला नकदी के स्रोत की जांच पर टिका है। युवक की ओर से जमीन बिक्री और सोना खरीदने से जुड़ी जो बातें सामने आई हैं, उनकी पुष्टि दस्तावेजों और जांच के जरिए की जाएगी।
पुलिस वाहन की आवाजाही से लेकर जमीन के कथित सौदे और नकदी के लेन-देन तक सभी पहलुओं को जोड़कर देख रही है। यदि जमीन बिक्री के दस्तावेज और भुगतान का रिकॉर्ड बरामद रकम से मेल खाता है तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं यदि दस्तावेजों से रकम का स्रोत संतोषजनक रूप से साबित नहीं होता है तो जांच अन्य वित्तीय पहलुओं की ओर बढ़ सकती है।
फिलहाल 73 लाख 72 हजार 500 रुपए की नकदी जब्त है, कार पुलिस जांच के दायरे में है और युवक द्वारा बताए गए रकम के स्रोत की पुष्टि के लिए दस्तावेजों का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले समय में आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों की पड़ताल से इस नकदी के पीछे की पूरी तस्वीर सामने आने की संभावना है।





