
(www.csnn24.com) रतलाम, वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी की पार्थिव देह सोमवार को अंतिम संस्कार के साथ पंचतत्व में विलीन हो गई। अंतिम यात्रा उनके निवास पैलेस रोड़ से निकलकर त्रिवेणी मुक्तिधाम पहुंची। जोशी के ज्येष्ठ पुत्र अभिजीत जोशी और ने मुखाग्नि दी। श्री जोशी की अंतिम यात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिक, पत्रकार, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और उनके शुभचिंतक बड़ी संख्या में शामिल हुए। रतलाम में पत्रकारिता के पर्याय के रूप में उनको जाना जाता रहा। शरद जोशी के निधन से रतलाम की पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है।
पचास से ज्यादा वर्षों तक पत्रकारिता से जुड़े रहे जोशी ने अपनी निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकारों से जुड़ी खबरों के कारण समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
वे समाचारों को केवल घटनाओं तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक सरोकारों और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता देने के लिए जाने जाते थे।
त्रिवेणी मुक्ति धाम पर आयोजित शोक सभा में सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक और जनसेवा से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावपूर्ण विदाई दी। पत्रकार शरद जोशी का व्यक्तित्व सहज, सरल और मिलनसार था। वें अपनी बात और सिद्धांत पर अडिग रहने वाले पत्रकार थे।
अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों ने कहा कि शरद जोशी की पत्रकारिता, उनकी सादगी और समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता लंबे समय तक स्मरण की जाती रहेगी। उनके निधन से परिवार, पत्रकारिता जगत और उनसे जुड़े सामाजिक-धार्मिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। शोक सभा में औदीच्य ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष आचार्य जी रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की और से डॉ रत्नदीप निगम,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडे, दैनिक स्वदेश के संपादक शक्ति सिंह परमार और रतलाम विकास प्राधिकरण अध्यक्ष मनोहर पोरवाल , पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी की और से विकास कोठारी ,जावरा पत्रकार संघ की और से सुजान कोचट्टा तथा जिला कांग्रेस कमेटी की और से महेंद्र कटारिया आदि ने अपने विचार रखे। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया के शोक संदेश का वाचन संस्था के संभागीय अध्यक्ष राजेश जैन ने किया। सभा का संचालन वरिष्ठ अभिभाषक सुनील पारीख ने किया।
इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार ऋषि कुमार शर्मा ,रमेश टांक , गोविंद उपाध्याय , भेरूलाल टांक, तुषार कोठारी नरेंद्र जोशी , प्रियेश कोठारी ,सौरभ कोठारी , सुजीत उपाध्याय , सुधीर जैन ,नीरज शुक्ला , आरिफ कुरैशी, राजेश मूणत , यश शर्मा ,संजय कोठारी , दिनेश दवे ,जितेंद्र सोलंकी, हेमंत भट्ट , दुर्गेश पंवार , रवि सिसोदिया ,देवेंद्र लिंबोदिया , देवकीनंदन पंचोली ,एस एस सोलंकी , चंद्रशेखर सोलंकी , स्वदेश शर्मा ,तौफ़ीक़ पठान ,के के शर्मा , राजू केलवा , निलेश बाफना , प्रदीप नागोरा सिकंदर पटेल , विपिन त्रिवेदी , जावरा से पत्रकार जगदीश राठौर, विजय राठौर , राजकुमार पीपाड़ा, पारस छाजेड , सैलाना से मनोज भंडारी, महेश सोलंकी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे ।
प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार, रतलाम प्रेस क्लब, नागरिक बैंक व जिला सहकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष तथा रेडक्रॉस के वरिष्ठ संचालक श्री शरद जोशी का रविवार, 9 अगस्त को 75 वर्ष की आयु में इंदौर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन का समाचार मिलते ही पत्रकारिता, सहकारी और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। वे श्रीमती ऊषा जोशी के पति तथा अभिजीत जोशी एवं ईशान जोशी के पिता थे।
श्री शरद जोशी केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, सिद्धांतों और पत्रकारों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले सशक्त व्यक्तित्व थे। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत ‘प्रसारण ‘ दैनिक से की थी। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक दैनिक समाचार पत्र ‘स्वदेश’ के जिला संवाददाता के रूप में सेवाएं देते हुए निर्भीक, निष्पक्ष, प्रखर और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता की मिसाल कायम की। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के वरिष्ठ नेता, कार्यकारी अध्यक्ष तथा ऑनलाइन सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक के रूप में संगठन को मजबूती प्रदान कर रहे थे।
पत्रकारिता में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने कई पीढ़ियों के पत्रकारों का मार्गदर्शन किया और पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी मानकर जीवनभर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।
पत्रकारिता के साथ ही उन्होंने सार्वजनिक जीवन और समाज सेवा में भी अहम योगदान दिया। वे नागरिक बैंक एवं जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष पद पर रहे और रेडक्रॉस समिति के वरिष्ठ संचालक के रूप में स्वास्थ्य व मानवीय सेवाओं में निरंतर सक्रिय रहे। उनके निधन से प्रदेश ने एक अनुभवी, संघर्षशील और संवेदनशील पत्रकार खो दिया है, जिससे साहस, संघर्ष और सिद्धांतों से पहचाने जाने वाले पत्रकारिता के एक दौर का अवसान हुआ है।
उनके निधन पर जिले व प्रदेश के विभिन्न पत्रकार संगठनों, राजनीतिक व सामाजिक संस्थाओं ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।





