अवैध खनन रोकने पहुंचे पटवारी पर जानलेवा हमला: हाथ में फ्रैक्चर, पंचनामा फाड़कर जेसीबी छुड़ाने का आरोप….
देवगढ़ में दिनदहाड़े वारदात से मचा हड़कंप, घायल पटवारी को आलोट से रतलाम रेफर; पुलिस ने दर्ज किया मामला

(www.csnn24.com)आलोट (रतलाम)। रतलाम जिले की आलोट तहसील के ग्राम देवगढ़ में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे पटवारी पर कथित रूप से खनन माफियाओं ने हमला कर दिया। इस हमले में पटवारी अजय चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके एक हाथ में फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद उन्हें तत्काल शासकीय अस्पताल आलोट पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रतलाम रेफर कर दिया। घटना से राजस्व विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी अजय चौहान अपने राजस्व हल्के के नियमित निरीक्षण पर थे। इसी दौरान उन्हें ग्राम देवगढ़ में एक जेसीबी मशीन द्वारा कथित रूप से अवैध खनन किए जाने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर उन्होंने खनन कर रहे लोगों से खनन की वैध अनुमति और संबंधित दस्तावेज मांगे। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोग कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद पटवारी ने नियमानुसार मौके पर पंचनामा तैयार कर जेसीबी को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की। जब उन्होंने वाहन को थाने ले जाने के लिए कहा, तभी वहां मौजूद लोगों ने कथित रूप से विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि खनन माफियाओं ने पटवारी पर हमला कर दिया। इस दौरान उनके हाथ में गंभीर चोट आई, जिसे डॉक्टरों ने फ्रैक्चर बताया है।
आरोप यह भी है कि हमलावरों ने सरकारी कार्रवाई को बाधित करते हुए पटवारी द्वारा तैयार किया गया पंचनामा छीन लिया और उसे फाड़ दिया। इसके बाद वे जेसीबी को लेकर मौके से फरार हो गए।
घायल होने के बाद पटवारी ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें शासकीय अस्पताल आलोट पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रतलाम रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही कथित अवैध खनन, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, सरकारी दस्तावेज नष्ट करने तथा शासकीय कर्मचारी पर हमला करने जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर अवैध खनन से जुड़े तत्वों के बढ़ते दुस्साहस और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और फील्ड में कार्यरत अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





