कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी से करी मुलाकात.. भाजपा राजनीति में हलचल..
कभी एक दूसरे के विरोधी माने जाते थे... असंतुष्ट भाजपा नेताओं का लगा जमावड़ा..

(www.csnn24.com) रतलाम भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय कल रतलाम पहुंचेl कैलाश विजयवर्गीय रतलाम जिले के नामली के घटवास मैं एक धार्मिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आए थे। तत्पश्चात कैलाश विजयवर्गीय रतलाम पहुंचे तथा यहां पर इन्होंने पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी से उनके निवास पर जाकर मुलाकात करी। कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी मुलाकात के संदर्भ में कहा कि हिम्मत कोठारी भाजपा के वरिष्ठ नेता है तथा में उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट करने आया हूं।

इस दौरान दोनों नेताओं के बीच उस समय तक विचार-विमर्श ही हुआ। कैलाश विजयवर्गीय ने कर्नाटक में भाजपा की हार पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि, मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार का संशय नहीं है भाजपा की सरकार बनना तय है। नेतृत्व परिवर्तन की बात पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार की खबरें में आप लोगों के अखबार में ही पढ़ता हूं। कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी की मुलाकात ने रतलाम की राजनीति में एक बार पुनः हलचल मचा दी है। उल्लेखनीय है कि किसी समय कैलाश विजयवर्गीय और हिम्मत कोठारी एक दूसरे के विरोधी रहे हैं, हिम्मत कोठारी जब गृह मंत्री थे उस समय कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के प्रभारी मंत्री से इस दौरान इन दोनों नेताओं में कुछ मनमुटाव था जिसके चलते इन्हें एक विषय का विरोधी माना जाता था। परंतु कैलाश विजयवर्गीय हिम्मत कोठारी के निवास पर जाकर मुलाकात करना अब राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। कैलाश विजयवर्गीय हिम्मत कोठारी के निवास पर भारी मात्रा में भाजपा के ऐसे नेताओं ने मुलाकात करी जो रतलाम में सीधे-सीधे भाजपा और रतलाम नेतृत्व से असंतुष्ट हैं, तथा अंदर ही अंदर एक विरोधी गुट के रूप में काम कर रहे हैं। इन नेताओं से कैलाश विजवर्गीय मुलाकात और कैलाश विजयवर्गीय का पूर्व गृहमंत्री के निवास पर जाना राजनीतिक गलियारों में कुछ हलचल का संकेत दे रहा है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व लाडली बहना योजना के सम्मान कार्यक्रम में शिरकत करने आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिम्मत कोठारी को हेलीपैड पर भोपाल आने का निमंत्रण दिया था इसके पश्चात हिम्मत कोठारी शिवराज सिंह चौहान से भोपाल में जाकर मिले तभी से भाजपा के राजनीतिक खेमे में एक अलग हलचल मची हुई है।





