लॉ कॉलेज में बाहरी तत्वों के द्वारा प्रवेश करने का मामला… पुलिस कप्तान ने स्टेशन रोड थाना प्रभारी को जांच कर कर प्रकरण दर्ज करने के लिए निर्देश….
गणेशोत्सव कार्यक्रम में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर विवाद, विधि महाविद्यालय के छात्रों ने कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन...

(www.csnn24.com) रतलाम के डॉक्टर कैलाश नाथ काटजू विधि महाविद्यालय में गणेशोत्सव के दौरान छात्र-छात्राओं के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं। इसी तारतम्य में कॉलेज में गरबा आयोजन किया गया था जिस दौरान कुछ लोगों के द्वारा कॉलेज में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर कर बाधा पहुंचाई गई थी तथा गरबे को बंद करवा दिया गया था इसके पश्चात सब पुलिस कप्तान ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया है तथा स्टेशन रोड थाना रबारी को निर्देशित किया है की जांच कर कर प्रकरण दर्ज करें। उल्लेखनीय है कि घटना से नाराज विद्यार्थियों ने मंगलवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
छात्रों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान विद्यार्थियों ने घटना से जुड़ी विभिन्न कानूनी धाराओं की जानकारी भी अधिकारियों के समक्ष रखी। वहीं पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार लाल को सौंपा गया। एएसपी ने विद्यार्थियों को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद
ज्ञापन में विद्यार्थियों ने बताया कि 21 सितंबर 2026 को महाविद्यालय परिसर में गणेशोत्सव के तहत छात्र-छात्राओं के लिए गरबा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम महाविद्यालय के सभागृह में निर्धारित स्थान पर चल रहा था और इसकी व्यवस्था महाविद्यालय स्तर पर की गई थी।
छात्रों का आरोप है कि इसी दौरान सुनील राठौड़, गन्नी शक्तावत, ऋषभ सुराणा सहित कुछ अन्य अज्ञात व्यक्ति महाविद्यालय परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल में पहुंचे। विद्यार्थियों के अनुसार, इन लोगों ने कार्यक्रम की व्यवस्था में हस्तक्षेप किया और कार्यक्रम बंद करवाने का प्रयास किया।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि मौके पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कार्यक्रम में शामिल छात्र-छात्राओं के साथ कथित तौर पर अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। छात्रों का कहना है कि घटना के बाद विद्यार्थियों में भय और असुरक्षा का माहौल बना है।
परिजन भी बच्चों को कॉलेज भेजने से कर रहे परहेज
छात्रों ने अधिकारियों को बताया कि घटना के बाद कुछ विद्यार्थियों के परिजन भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने अपने बच्चों को महाविद्यालय भेजने से फिलहाल परहेज किया है। विद्यार्थियों का कहना है कि महाविद्यालय अध्ययन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी एक सुरक्षित एवं अनुशासित परिसर है। ऐसे में बाहरी व्यक्तियों का परिसर में प्रवेश कर विद्यार्थियों और स्टाफ के साथ कथित अनुचित व्यवहार किया जाना गंभीर विषय है।
प्राचार्य से भी कथित अभद्र व्यवहार का आरोप
ज्ञापन में महाविद्यालय की प्राचार्य के साथ भी कथित तौर पर अभद्र एवं अनुचित व्यवहार किए जाने का उल्लेख किया गया है। विद्यार्थियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
छात्रों ने प्रशासन से महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई।
विद्यार्थियों का कहना है कि महाविद्यालय में शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भयमुक्त वातावरण में संचालित होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।





