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कानून एवं अपराधरतलाम

सुप्रीम कोर्ट ने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को अपराध की श्रेणी से बाहर किया है, लेकिन हर मामले में पुलिस का हस्तक्षेप गैरकानूनी नहीं होता। किन परिस्थितियों में पुलिस कार्रवाई कर सकती है और कब नहीं, जानिए पूरी कानूनी स्थिति….

Publish Date: July 18, 2026

(www.csnn24.com)रतलाम/ नई दिल्ली।
देश में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जब किसी होटल में पुलिस की मौजूदगी या छापेमारी के बाद यह चर्चा शुरू हो जाती है कि क्या शादीशुदा व्यक्ति का किसी अन्य महिला या पुरुष के साथ होटल में ठहरना अपराध है? सोशल मीडिया पर भी ऐसे वीडियो तेजी से वायरल होते हैं, जिनमें होटल से कपल्स को बाहर निकालते हुए दिखाया जाता है। इससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन जाती है कि आखिर कानून क्या कहता है।
वास्तव में भारत में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर (वैवाहिक संबंध के बाहर सहमति से संबंध) अब आपराधिक अपराध नहीं है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में पुलिस जांच या कार्रवाई के लिए होटल पहुंच सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कानून की वास्तविक स्थिति क्या है और नागरिकों के अधिकार क्या हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बदल दी कानूनी तस्वीर
सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने जोसेफ शाइन बनाम भारत संघ मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 497 को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। यह धारा व्यभिचार (Adultery) को अपराध मानती थी और शादीशुदा पुरुष को दूसरी महिला से संबंध बनाने पर जेल की सजा का प्रावधान था।
संविधान पीठ ने कहा कि यह कानून महिलाओं की गरिमा और समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है तथा उन्हें पुरुष की संपत्ति की तरह मानता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पति-पत्नी के बीच संबंध व्यक्तिगत और नागरिक (Civil) प्रकृति के हैं, इसलिए ऐसे मामलों में आपराधिक सजा उचित नहीं है।
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर तलाक, वैवाहिक विवाद या वैवाहिक मुकदमों का आधार जरूर बन सकता है, लेकिन इसे आपराधिक अपराध नहीं माना जाएगा।
हर होटल में पुलिस कार्रवाई का मतलब अफेयर नहीं होता
कई बार यह धारणा बना ली जाती है कि होटल में पुलिस पहुंची है तो जरूर किसी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के कारण कार्रवाई हुई होगी। जबकि वास्तविकता इससे अलग होती है।
पुलिस आमतौर पर तब होटल पहुंचती है जब—
किसी व्यक्ति के लापता होने या अपहरण की शिकायत दर्ज हो।
किसी महिला या पुरुष की सुरक्षा को लेकर संदेह हो।
होटल में किसी अन्य आपराधिक गतिविधि, जैसे मानव तस्करी, ब्लैकमेल, अवैध वसूली या अन्य अपराध की सूचना मिले।
न्यायालय या जांच एजेंसी के निर्देश पर जांच की आवश्यकता हो।
सिर्फ इस आधार पर कि दो बालिग व्यक्ति होटल में साथ ठहरे हैं, पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती।
बालिगों की निजता को संविधान का संरक्षण
भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को निजता (Right to Privacy) और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। यदि दो बालिग व्यक्ति अपनी इच्छा और सहमति से किसी होटल में ठहरे हैं, तो उन्हें अनावश्यक पूछताछ, धमकी या उत्पीड़न का सामना नहीं करना चाहिए।
बिना किसी वैध कानूनी आधार के पुलिस, स्वयंभू सामाजिक संगठन या अन्य व्यक्ति किसी कपल को परेशान नहीं कर सकते। यदि ऐसा होता है तो संबंधित व्यक्ति पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की मांग भी कर सकता है।
ब्लैकमेल करने वालों से रहें सावधान
कई मामलों में देखा गया है कि कुछ लोग खुद को पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता या किसी संगठन का सदस्य बताकर होटल में पहुंच जाते हैं और कपल्स को बदनाम करने या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलने का प्रयास करते हैं। ऐसी गतिविधियां पूरी तरह गैरकानूनी हैं और इनमें शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा सकती है।
जानिए अपने अधिकार
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अब भारत में आपराधिक अपराध नहीं है।
यह पति-पत्नी के बीच तलाक या अन्य वैवाहिक विवाद का आधार बन सकता है।
बालिग और सहमति से साथ रहने वाले व्यक्तियों को निजता का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
केवल होटल में साथ ठहरने के आधार पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकती।
यदि किसी प्रकार की धमकी, अवैध वसूली या ब्लैकमेल किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति कानूनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
निष्कर्ष
कानून और सोशल मीडिया पर फैली धारणाओं के बीच बड़ा अंतर है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्पष्ट करता है कि एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अब आपराधिक अपराध नहीं है। इसलिए किसी भी मामले में पुलिस की मौजूदगी को सीधे इस आधार से जोड़ना सही नहीं होगा। कार्रवाई केवल तब संभव है, जब किसी अन्य कानून का उल्लंघन, अपराध की आशंका या विधिसम्मत शिकायत मौजूद हो। ऐसे में नागरिकों के लिए अपने संवैधानिक अधिकारों और कानून की सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है।

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Amit Nigam

Founder Director Head of CSNN 24 & Bureau chief SWARAJ EXPRESS MP/CG since launching Madhya Pradesh,Bureau chif BS tv mp/cg.. Bureau chief Digiana news indore at Ratlam .. Three times ex Vice President of Ratlam Press Club. DPR Accreditation from MP.Government (Adhimanya Patrakar since 15 yrs).21 years of journalism experience...along with print media & electronic media.... 18 years experience in National & Regional news channels B.SC LLB. MEMBER OF RATLAM BAR COUNCIL

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