ब्रेकिंग
रतलाम में श्रमजीवी पत्रकार संघ का संभागीय सम्मेलन सम्पन्न... राजेश जैन होंगे संभागीय अध्यक्ष... खाद-बीज, बिजली और किसानों की समस्याओं की लेकर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, बैरिकेड्स पर पुलिस से हु... मोहर्रम के ताजिया जुलूस में दर्दनाक हादसा: हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, तीन लोगों की मौत, 12 से अ... सृजन कॉलेज ने रतलाम को दी पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की नई सौगात... एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप के विशेष प्रयासों से बालम ककड़ी और रतलामी गराडू को मालवी गराडू के नाम से... रतलाम में शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की नई शाखा का भव्य शुभारंभ... RE-NEET 2026 : बायोलॉजी रही आसान, केमिस्ट्री रही औसत लेकिन फिजिक्स रही थोड़ी मुश्किल... सिंहस्थ-2028 की तैयारियां संत समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप, उज्जैन में मेला भूमि विकसित की जाए : महंत... रतलाम में पहली बार महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक संपन्न, महंत आनंद गिरि बने महामंडलेश्वर.... रतलाम के ग्राम करमदी में भारी तनाव; संदिग्धों की घुसपैठ से जागे ग्रामीण, सुरक्षा और 'सर्विलांस ड्रोन...
आपकी ख़बर

आस निरास हुई

Publish Date: July 10, 2024

(CSNN24.COM)

बहुत सारे सपने संजोएं होंगे सब ने
आजादी मिलेगी तो सब ठीक होगा।
न सोचा होगा किसी ने तब यह
चारों तरफ केवल भ्रष्टाचार होगा।
न मिटेगी ईमानदार की मुसीबत
ना ही ईमानदारी से व्यापार होगा।
शिक्षा में होगा भ्रष्टाचार भारी
केवल कुछ का उद्धार होगा।
ना होगा कोई सुरक्षित
लड़कियों का व्यापार होगा।
इंसान खाएगा गाय का चारा
नदी के पुलों का बंटाधार होगा।
बईमानों की मंजिलें बड़ी-बड़ी होंगीं
गरीबों का मुश्किल से उद्धार होगा।
साधु-संत भी बनेंगे अरबपति
धर्म भी अच्छा व्यापार होगा।
महिलाएं बेचेंगी अपनी इज्जत
पुरूष का पुरूष से ब्याह होगा।
धर्म रक्षक बनेंगे भक्षक
सुचिता से किसी का न सरोकार होगा।
खा-खाकर मुफ्त का अनाज
देश का युवा बेकार होगा।
बिना पढ़ा राज करेगा सब पर
पढ़ा-लिखा देश में बेकार होगा।
मिलेगी नौकरी सिफारिश से केवल
या इसमें भारी भ्रष्टाचार होगा।
मारे जाएंगे ईमानदार -सच्चे
बईमानों का सरेआम सत्कार होगा।
ईमानदारी से न होगी परीक्षा
नकल करना-कराना
अच्छा व्यवसाय होगा।
ईमानदार बच्चे मारे – मारे फिरेंगे
बेईमान कुर्सी पर सवार होगा।
आरक्षण की आंधी ऐसी चलेगी
सवर्ण होना अपराध होगा।
प्रजातंत्र का अर्थ है सब में समानता
पर यह भी बहुमत का अत्याचार होगा।
पत्थर ईटों के बुत सब बने हैं
प्रेम मोहब्बत सपने हो गए हैं
द्वेष-ईर्ष्या गलकट प्रतियोगिता
सर्वनाश सौहार्द का हो गया है।
परिवार बिखरे-बिखरे हुए हैं
सास-ससुर दुश्मन से लगते
क्यों भूल जाते हो यह हकीकत
एक दिन तुम भी सास-ससुर बनोगे।
तुम्हारे बच्चे करेंगे तिरस्कृत
तब पश्चात से तुम जलोगे।
कितना भी लिखे कम है यारों
क्या कभी इसमें सुधार होगा?

Show More

Professor DK Sharma

प्रोफेसर डी. के. शर्मा शिक्षाविद्, लेखक, समीक्षक है। युवाओं को मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और प्रेरणा देने का कार्य करते हैं। समसामयिक विषय, समाज में व्याप्त कुरीतियों के विरूद्ध निरंतर लिखते हैं। प्रोफेसर शर्मा शासकीय महाविद्यालय में अग्रेंजी के विभागाध्यक्ष एवं मैनेजमेंट महाविद्यालय के प्राचार्य रहे हैं। अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. व लॉ में एलएल.एम. (कलकत्ता विश्वविद्यालय) से किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button