
(www.csnn24.com) रतलाम सोमवार को रतलाम में किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब कलेक्ट्रेट घेराव के लिए आगे बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। खाद, बीज, बिजली और किसानों की अन्य ज्वलंत समस्याओं को लेकर निकाली गई इस विशाल रैली में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान और ग्रामीण शामिल हुए। प्रशासन द्वारा पहले से किए गए सुरक्षा इंतजामों के चलते कलेक्ट्रेट तक पहुंचने से पहले ही प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया गया। बैरिकेड्स हटाने के प्रयास के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। काफी देर तक चले हंगामे और नारेबाजी के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के रवैये का विरोध करते हुए प्रदर्शन समाप्त कर दिया और बिना ज्ञापन सौंपे लौट गए।
खाद, बीज और बिजली संकट को लेकर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
सुबह करीब 11 बजे जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान और ग्रामीण सैलाना बस स्टैंड स्थित सब्जी मंडी परिसर में एकत्र हुए। यहां आयोजित सभा में किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे बैलगाड़ियों, ट्रैक्टरों और पैदल कार्यकर्ताओं के साथ विशाल रैली निकाली गई। रैली में हाथों में कांग्रेस के झंडे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लिए कार्यकर्ता प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े।
रैली का निर्धारित मार्ग सैलाना बस स्टैंड, शहर सराय, रानीजी का मंदिर, गणेश देवरी, डालूमोदी बाजार, नाहरपुरा, कॉलेज रोड, नगर निगम तिराहा, अंबेडकर प्रतिमा, कोर्ट चौराहा और फव्वारा चौक होते हुए कलेक्ट्रेट तक तय किया गया था। लेकिन प्रशासन ने पहले से ही अंबेडकर प्रतिमा से कोर्ट तिराहे की ओर जाने वाला मार्ग सील कर दिया था। इसके बाद रैली को पोलोग्राउंड (नेहरू स्टेडियम) की ओर मोड़ दिया गया, जहां भारी पुलिस बल और कई स्तरों की बैरिकेडिंग पहले से मौजूद थी।
नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
पोलोग्राउंड पर आयोजित सभा को पूर्व मंत्री कांतिलाल भूरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान खाद और बीज की किल्लत, महंगी बिजली, सिंचाई संकट और कृषि से जुड़ी अन्य समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन सरकार किसानों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो रहे हैं तथा ई-केवाईसी की जटिल प्रक्रिया के कारण भी किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया
🔹 खाद एवं बीज की बढ़ती कीमतों पर तत्काल नियंत्रण किया जाए।
🔹 खाद वितरण में ई-केवाईसी की तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
🔹 किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए।
🔹 किसानों को निर्बाध और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
🔹 किसानों की अन्य लंबित एवं ज्वलंत समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए।
बैरिकेड्स हटाने का प्रयास, पुलिस ने रोका
सभा समाप्त होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। जैसे ही वे बैरिकेड्स तक पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने अवरोधकों को हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया कि वे अपर कलेक्टर को मौके पर ही ज्ञापन सौंप दें, लेकिन कांग्रेस नेता कलेक्टर को सीधे ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे।
वाटर कैनन चलाया, फिर भी डटे रहे कार्यकर्ता
स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे तो हल्का बल प्रयोग करते हुए वाटर कैनन चलाया गया। पानी की तेज बौछारों के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे और कलेक्ट्रेट जाने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक चले गतिरोध के बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स के पीछे ही रोक दिया।
बिना ज्ञापन सौंपे लौटे कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के इस रवैये का विरोध करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार भी छीना जा रहा है। नेताओं ने मौके पर ही विरोध दर्ज कराया और कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंच पाने के कारण बिना ज्ञापन सौंपे ही प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसके बाद सभी कार्यकर्ता वापस लौट गए।
शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई थी। प्रशासन की सख्ती के चलते कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंच सके और पूरा प्रदर्शन पोलोग्राउंड क्षेत्र में ही समाप्त हो गया।





