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खबर का असर…. आदिवासी छात्रावास में रह रही छात्रों की पीड़ा कलेक्टर ने समझी… छात्रावास अधिशिक्षका निलंबित…

आदिवासी छात्रावास में अव्यवस्थाओं का बोलबाला...नारकीय जीवन जी रही है आदिवासी बालिकाएं....

Publish Date: July 24, 2024

Csnn24.com) एक बार फिर Csnn24..com खबर का असर सामने आया है पूरी खबर के पश्चात जिलाधीश महोदय के द्वारा छात्राओं के बेहतर भविष्य तथा हित में एवं मध्य प्रदेश शासन की मंशा के अनुसार कार्य मैं गंभीर अनियमिताओं के चलते…. छात्रावास अधीक्षिका को जिलाधीश महोदय के द्वारा निलंबित कर दिया गया है:-

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(www.csnn24.com) रतलाम में आज शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास का निरीक्षण रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम के पास शिकायत के पश्चात एडीएम डॉ शालिनी श्रीवास्तव एवं उनके सहयोगी दल के द्वारा किया गया। आदिवासियों के नाम पर राजनीति करने वाले सभी दलों की पोल यहां पर खुलकर सामने आ गई। मोहन सरकार में शिवराज मामा की भांजिया एक तरह से यहां अव्यवस्थाओं और अनदेखी का उदाहरण बनते हुए एक तरह से नारकीय जीवन जी रही है। मूलभूत सुविधाओं का अभाव और बच्चियों की मूलभूत सुविधाओं का शोषण। ना कोई सुविधा ना कोई व्यवस्था। खाना खाना हो तो ऐसे शब्दों का उपयोग जो यहां पर लिखा नहीं जा सकता। और इसके अलावा सबसे बड़ी लापरवाही इस विभाग की जिम्मेदार अधिकारी महोदया की।

हम जिस आदिवासी छात्रावास की बात कर रहे हैं वहां पर छात्राओं के द्वारा शिकायत के पश्चात आज आकस्मिक निरीक्षण हुआ उसमें बहुत सारी खामियां पाई गई। सबसे बड़ी बात तो यह निकलकर सामने आई है कि इस आदिवासी छात्रावास की अधीक्षिका जो स्वयं आदिवासी है उनके पति भी इस आदिवासी कन्या छात्रावास में निवास करते हैं। इसके अलावा यहां पर निवास करने वाली छात्राओं के द्वारा बताया गया कि जब भी वहां स्नान आदि करने के लिए जाती हैं तभी वहां का स्वीपर वहां पर साफ सफाई के बहाने उपस्थित हो जाता है। इसके अलावा छात्राओं ने बताया कि वहां पर जब भोजन व्यवस्था की तैयारी होती है तो वहां पर उन्हें गाली-गलौज की जाती है तथा कहा जाता है कि फोकट का खाना खाने के लिए तुम यहां पर आई हो उन्हें माता-पिता के नाम से अशोभनीय शब्दों से संबोधित किया जाता है। उन्हें रसोई घर में काम करने के लिए प्रताड़ित किया जाता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह निकलकर सामने आई है कि आदिवासी छात्रावास में जो छात्राएं रह रही है उनके सोने के लिए पर्याप्त बिस्तर की व्यवस्था भी नहीं है इसके अलावा उनको जो आवश्यक सामग्री दी जानी चाहिए वह भी उपलब्ध नहीं होती है। राज्य शासन की मंशा के अनुसार वहां पर आवश्यक सुविधाओं की सामग्री तो खरीद ली जाती है परंतु बच्चियों उपलब्ध नहीं कराई जाती है। जब वहां पर निरीक्षण किया गया तो भारी मात्रा में बक्सों में पिछले वर्ष में खरीदी गई सामग्री बरामद हुई उसमें हॉस्टल में वितरित करने वाले टॉवल एवं रजाइयां इसके अलावा अन्य मूलभूत सामग्री थी जो की बक्सों में बंद कर कर रखी गई थी तथा उन्हें हॉस्टल में छात्राओ को वितरित नहीं किया गया था। नियम के अनुसार छात्रों को सैनिटरी पेड भी मिलनी चाहिए परंतु वह भी वह स्वयं बाजार से खरीद कर लाती हैं। इसके पश्चात एडीएम डॉ शालिनी श्रीवास्तव के द्वारा तत्काल सामग्री का वितरण करवाया गया। इसके अलावा चारों तरफ गंदगी और अव्यवस्थाओं का आलम था। छात्राओं के द्वारा कलेक्टर को शिकायत के पश्चात वहां पर लीपा पोती करने की कोशिश की गई थी परंतु वह कामयाब नहीं हुई। छात्रावास भवन में बहुत सी जगह जर्जर अवस्था में पाई गई और वह खतरनाक स्थिति मे थी।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है की जिम्मेदार अधिकारी जो कि इस विभाग से संबंधित है, अपना कर्तव्य पूर्ण तरीके से नहीं निभा रहे हैं।ओर यदि समय समय पर इन अधिकारियों की कार्यशैली का अवलोकन कर लिया जाए अथवा उनसे पूरा विवरण ले लिया जाए तो शायद ऐसी स्थिति उत्पन्न ना हो और सरकार की योजना और मंशा पूर्ण रूप से मूर्त रूप ले सकती है। वैसे योजना है योजना का क्या कागजों पर तो चलती रहेगी।

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Amit Nigam

Founder Director Head of CSNN 24 & Bureau chief SWARAJ EXPRESS MP/CG since launching Madhya Pradesh, Three times ex Vice President of Ratlam Press Club. DPR Accreditation from MP.Government (Adhimanya Patrakar since 15 yrs).21 years of journalism experience...along with print media & electronic media.... 18 years experience in National & Regional news channels B.SC LLB. MEMBER OF RATLAM BAR COUNCIL

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