ब्रेकिंग
सृजन कॉलेज ने रतलाम को दी पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की नई सौगात... एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप के विशेष प्रयासों से बालम ककड़ी और रतलामी गराडू को मालवी गराडू के नाम से... रतलाम में शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की नई शाखा का भव्य शुभारंभ... RE-NEET 2026 : बायोलॉजी रही आसान, केमिस्ट्री रही औसत लेकिन फिजिक्स रही थोड़ी मुश्किल... सिंहस्थ-2028 की तैयारियां संत समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप, उज्जैन में मेला भूमि विकसित की जाए : महंत... रतलाम में पहली बार महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक संपन्न, महंत आनंद गिरि बने महामंडलेश्वर.... रतलाम के ग्राम करमदी में भारी तनाव; संदिग्धों की घुसपैठ से जागे ग्रामीण, सुरक्षा और 'सर्विलांस ड्रोन... शहर की 13 प्राचीन बावड़ियों का 2.5करोड़ से होगा सौंदर्यीकरण और जीर्णोधार... रतलाम जिले की सैलाना जनपद की ग्राम पंचायत करिया में 5 लाख की लागत से बनने वाली सीसी रोड का भूमि पूजन... राज्यसभा उम्मीदवार कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द..
इंस्पिरेशनलजनहित ख़बरेरतलामस्वास्थ्य एवं चिकित्सा

विश्व रक्तदाता दिवस पर विशेष ..ग्रुप में मैसेज आते ही खून देने चल पड़ते हैं सदस्य

Publish Date: June 14, 2023

(www.csnn24.com)रतलाम मैं अकेला ही चला था जानिब ए मंजिल मगर लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया यह पंक्ति हेल्पिंग हैंड्स ग्रुप के लिए चरितार्थ होती है। 2016 में 5 सदस्यों ने मिलकर ग्रुप बनाया जिसकी आज 184 शाखाएं होने के साथ ही देश व विदेश के युवा भी इस में जुड़े हैं ग्रुप में मैसेज मिलते ही युवा कहीं भी रक्तदान करने के लिए पहुंच जाते हैं। एक से 700 किलोमीटर तक युवा रक्तदान करने पहुंचते हैं और पीड़ित परिवार से आने-जाने का खर्च तो दूर चाय कॉफी भी नहीं पीते हैं। निस्वार्थ सेवा करने वाले इस ग्रुप के सदस्यों ने अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर 50 हज़ार यूनिट से ज्यादा रक्तदान कर दिया है।।

*इस तरह हुई ग्रुप की शुरुआत*

2016 में दिल्ली के एक जरूरतमंद को खून की आवश्यकता थी रक्त नहीं मिलने के कारण परिवार 3 दिनों से परेशान थे। सोशल मीडिया के माध्यम से आलोट के बामन खेड़ी निवासी अनिल रावल तक यह जानकारी पहुंची तो उन्होंने दिल्ली के कोऑर्डिनेटर और स्वयं ही रक्तदाता को तलाशने का प्रयास किया और सफल हुए। रतलाम से एक युवक को दिल्ली पहुंचाया और रक्तदान करवाया। इसके बाद एक ग्रुप निर्माण करने का निर्णय लिया जिससे जरूरतमंद को रक्त मिलने में परेशानी ना हो और रक्तदाता जरूरतमंद तक जल्दी पहुंच जाए। उन्होंने अपने पांच दोस्तों के साथ मिलकर ग्रुप बनाया जो कि सभी अलग-अलग जिले और राज्य में निवासरत हैं। यह ग्रुप आज एक विशाल वटवृक्ष के रूप में बनकर तैयार हो गया है और कहीं भी जरूरतमंद के पास पहुंचकर खून को उपलब्ध करवा रहा है ग्रुप के द्वारा सभी के सहयोग से और रतलाम जिले व राज्यों के जिले के लोकल कोऑर्डिनेटर अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर 50 हजार से अधिक यूनिट रक्तदान किया जा चुका है।।

*रक्तदान करने वाले भी सम्मानित हुए*

कई सामाजिक संस्थाओं ने रक्तदान करने वाले रक्त मित्रों का सम्मान भी किया सुनील गोयल विनय सचदेवा अंश विजयवर्गीय दिलीप पाटीदार अरुण पाटीदार अक्षांश मिश्रा शांतिलाल पाटीदार नागेश्वर पाटीदार हर्षित महावर रोहित भरकुंदिया राकेश पाटीदार विजय पाटीदार मुकेश पाटीदार दीपांशु शर्मा दीपक पाटीदार वेणु हरिवंश शर्मा हर्षिता साहू पारुल चंद्रा करुणा मिश्रा अभिलाषा गर्ग पूर्णिमा अग्रवाल कई बार रक्तदान कर चुके हैं। इस नेक कार्य के लिए उनका सम्मान भी किया गया।।

*सेवा करना ही उद्देश्य*

संस्थापक अनिल रावल ने बताया कि हेल्पिंग हैंड ग्रुप का एक ही उद्देश्य है कि निशुल्क सेवा निस्वार्थ सेवा। बचे हुए भोजन को जरूरतमंद को वितरित करना धर्मानुसार अंतिम संस्कार हरित धरती श्रंगार नेत्रदान देहदान एनिमल वेलफेयर और कई आपातकालीन सेवाएं प्रदान करता है।।

*ग्रुप का भोपाल में सम्मान*

विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष में भोपाल में बुधवार को होने वाले राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में हेल्पिंग हैंड ग्रुप को जिले व संपूर्ण भारत पर श्रेष्ठ सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा।।

Show More

Sheemon Nigam

Chief Editor csnn24.com | BJMC +MJMC | Artist by Passion, Journalist by Profession | MD of Devanshe Enterprises, Video Editor of Youtube Channel @buaa_ka_kitchen and Founder of @the.saviour.swarm | Freelance Zoophilist, Naturalist & Social Worker. Podcastor and Blogger | Fresh Experience as Anchor, Content creator and Editor in Media Industry | CACT AWBI & Member of PFA India, Peta India and PAL Foundation Mumbai.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button