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हत्या करना अमेरिका की संस्कृति है – प्रो. डी.के. शर्मा

Publish Date: July 18, 2024

(www.csnn24.com)अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की हत्या करने का प्रयास किया गया। ये अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति एवं नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं। उन पर हुए हमले के बाद वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने घटना की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। वास्तविकता इसके विपरित है। अमेरिका हिसंक समाज है। वहां होने वाली हिसंक घटनाएं इसका प्रमाण है। वहां बंदूक – पिस्टल खरीदने के लिए अनुमति और लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। जैसे हम चने खरीद सकते हैं वैसे ही अमेरिका में बंदूक-पिस्टल खरीदे जा सकते हैं। वहां नाबालिक बच्चे भी हथियार खरीद सकते हैं। इसी कारण प्रतिवर्ष अमेरिका के स्कूल में भी कई हत्याएं होती है। बच्चे गन खरीद लाते हैं और अपने सहपाठियों पर गोलियां बरसा देते हैं। 2024 में भारतीय मूल के भी 11 छात्र बंदूक के शिकार हो चुके हैं। बंदूक – पिस्टल द्वारा प्रतिवर्ष मारे जाने वाले बच्चों की अधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं है, परन्तु खबरों के अनुसार बड़ी संख्या में बच्चे मारे जाते हैं। स्पष्ट है कि अमेरिका में जीवन सुरक्षित नहीं है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार अमेरिका में कई राष्ट्रपति को मारा गया। कुछ भाग्यशाली रहे जो शूटिंग में बच गए। बूंदक से मारे गए राष्ट्रपति निम्नानुसार हैं-

निम्न राष्ट्रपतियों की हुई हत्या –

अब्राहम लिंकन- सबसे अधिक प्रसिद्ध राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की हत्या 1865 में की गई। जान वाइक्स बूथ नामक व्यक्ति ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। लिंकन उस समय वाशिंगटन के फोर्ड थियेटर में नाटक देख रहे थे।

जेम्स गारफील्ड- वाशिंगटन में रेलवे स्टेशन पर उन्हें गोली मार दी गई जिसमें वह घायल हो गए थे। ढाई महीने बाद उनकी मृत्यु हो गई।

विलियम मैकिनले- न्यूयार्क के बफेलो में 1901 में हत्या कर दी गई थी। उनकी मौत भी कुछ दिनों बाद हुई थी।

जॉन एफ. केनेडी- 1963 में टेक्सास के डलास में उन्हें उस समय गोली मारी गई जब वह काफिले के साथ जा रहे थे। ली हार्वे ओस्वल्ड नामक व्यक्ति ने उन्हें गोली मारी। यह गोली भी एक बिल्डिंग के ऊपर से टेलीस्कोपिक गन से चलाई गई थी। गोली उनके सिर में लगी और उनकी तुरंत मृत्यु हो गई।

स्पष्ट है कि गोली सिर में मारी जाती है ताकि बच न सके।

अमेरिका के हत्यारे अपने राष्ट्रपति के अतिरिक्त महत्वपूर्ण लोगों को भी नहीं छोड़ते।

निम्न राष्ट्रपति भाग्यशाली रहे जो हमले में बच गए –

हैरी एस. ट्रुमैन- 1950 में वाशिंगटन के ब्लेयर हाउस में दो बंदूकधारी घुस गए और ट्रुमैन को गोली मारी वे भाग्यशाली रहे कि बच गए, लेकिन एक पुलिसकर्मी और एक हमलावर मारा गया था।

गेराल्ड फोर्ड- वर्ष 1973 में तीन हफ्तों से भी कम समय में उन पर दो जानलेवा हमले हुए। वह इनमें बिना घायल हुए बच गए।

रोनाल्ड रीगन- वर्ष 1981 में वाशिंगटन के हिल्टन होटल के बाहर उन्हें गोली मारी गई । रीगन तब घायल हो गए, एक गोली लिमोजिन से टकराकर उनकी बाएं बगल में लगी।

जार्ज डब्ल्यू बुश- 2005 में जब जार्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साकाश्विली के साथ रैली में भाग ले रहे थे तभी उनकी ओर एक हथगोला फेंका गया। हथगोला फटा नहीं और वे बच गए।

निम्न महत्वपूर्ण व्यक्ति भी हमले में मारे जा चुके हैं-

राबर्ट एफ. केनेडी:- 1968 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राबर्ट एफ. केनेडी की लासएंजिलिस के अंबेसडर होटल में हत्या कर दी गई । उस समय उनकी उम्र 42 वर्ष थी। वे जॉन एफ. केनेडी के छोटे भाई थे। स्पष्ट है कि एक गैंग केनेडी परिवार को समाप्त करना चाहता था, सफल भी हुआ।

जार्ज सी. वैलेस-  वर्ष 1982 में अल्बामा के गवर्नर और डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को गोली मार दी गई। इस हमले के बाद उनके शरीर के कमर से नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था।

थियोडर रूजवेल्ट: 1912 में उन पर उस समय उनके सीने में गोली मारी गई जब वह मिलवाकी में चुनाव प्रचार कर रहे थे। उन्हें बचा लिया गया था।

अमेरिका में रंग भेद आधारित हिंसा भी बहुत होती है। काले – गौरे के बीच बहुत बड़ी खाई है। प्रतिवर्ष अश्वेत अमेरिकन पर भी बहुत हमले होते हैं जिसमें कई मारे भी जाते हैं। ये हमले श्वेत व्यक्तियों द्वारा किए जाते हैं। अमेरिका में श्वेत और अश्वेत के बीच में अभी भी बहुत द्वेष है। गोरे दंगाइयों ने ग्रीनवुड को लूटा और जलाया। इसके बाद ओकलाहामा के तत्कालीन गवर्नर जेम्स रॉबर्ट्सन ने मार्शल लॉ का एलान कर दिया। 1,200 से अधिक घरों को तबाह कर दिया गया था। 800 से अधिक लोग घायल हुए। शुरुआत में कहा गया कि 39 लोग मारे गए हैं, लेकिन इतिहासकार बताते हैं कि कम से कम 300 लोग मारे गए थे। 6,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें अधिकतर अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय के लोग थे। स्पष्ट है कि काले-गौरों का संघर्ष अमेरिका में चलता ही रहता है इसमें अधिकतर आक्रमण गौरो द्वारा किए जाते हैं। गतवर्ष ही एक गौरे पुलिसमेन द्वारा काले व्यक्ति का गला घुटने से दबाकर मार दिया गया था। इसके चित्र टेलीविजन पर प्रसारित हुए थे। गौरे समझते हैं कि काले इनके अधिकार – संपत्ति पर अतिक्रमण कर रहे हैं, किन्तु अधिकतर काले वे हैं जिनके पूर्वजों को गुलाम बनाकर रखा गया था। अमेरिका में गृहयुद्ध इसी कारण हुआ था। वर्ष 1864 – 1865 में उत्तर और दक्षिण के राज्यों के बीच गृहयुद्ध हुआ था। अब्राहम लिंक के नेतृत्व में उत्तर के राज्य गुलामी के विरूद्ध थे एवं दक्षिण के राज्य गुलामी प्रथा को चालू रखना चाहते थे।

अमेरिका में यौन अपराध भी बहुत होते हैं। प्रतिवर्ष अमेरिका में  2 लाख से अधिक महिलाओं के साथ बलात्कार या उनका यौन उत्पीड़न किया जाता है। यह प्रतिदिन 600 से है। कई अपराधों की रिपोर्ट कभी नहीं की जाती जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि पीड़ित की यह भावना कि कुछ नहीं किया जा सकता/नहीं किया जाएगा।

अमेरिका को युद्ध भी बहुत पसंद है। उसने दुनियाभर में लम्बे युद्ध लड़े जिसमें उसके असंख्य सैनिक मारे गए और बहुत धनखर्च हुआ। नागरिकों के द्वारा दिए गए टैक्स का इससे अधिक दुरुप्रयोग कुछ और नहीं हो सकता। इनमें लड़े गए अधिकतर युद्ध में अमेरिका सफल नहीं हुआ। इस पर आलेख लिखेंगे।

निष्कर्ष यह कि अमेरिका एक अराजक – अपराध प्रिय समाज है।

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Professor DK Sharma

प्रोफेसर डी. के. शर्मा शिक्षाविद्, लेखक, समीक्षक है। युवाओं को मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और प्रेरणा देने का कार्य करते हैं। समसामयिक विषय, समाज में व्याप्त कुरीतियों के विरूद्ध निरंतर लिखते हैं। प्रोफेसर शर्मा शासकीय महाविद्यालय में अग्रेंजी के विभागाध्यक्ष एवं मैनेजमेंट महाविद्यालय के प्राचार्य रहे हैं। अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. व लॉ में एलएल.एम. (कलकत्ता विश्वविद्यालय) से किया है।

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