बाहर मीडिया ट्रायल चलता रहा और कोर्ट ने खरिज कर दिया दावा …
दैनिक भास्कर द्वारा पत्रकार देवेंद्र जायसवाल पर कायम मुकदमा खारिज...संदेहास्पद दस्तावेजों, और बयानों के बदलने पर हारा प्रीतम राठौर..

(www.csnn24.com)खंडवा/रतलाम खंडवा जिला न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा एक महत्वपूर्ण फैसले में दैनिक भास्कर की तरफ से प्रीतम राठौर द्वारा दाखिल किए गए दावे को खारिज कर दिया गया। खंडवा जिला न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री मोहन डावर ने फैसला सुनाते हुए परिवादी प्रीतम राठौर द्वारा दाखिल किए गए परिवाद पत्र को निरस्त कर दिया। प्रकरण में परिवादी की ओर से श्री आनंद गुप्ता अधिवक्ता एवं पत्रकार देवेन्द्र जयसवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक केलदे ने पैरवी की। न्यायालय ने अपने फैसले में परिवादी प्रीतम राठौर वास्ते दैनिक भास्कर द्वारा संदेहास्पद दस्तावेज एवं बार-बार अपने बयानों से मुकरने तथा तथ्यात्मक दस्तावेज पेश नहीं करने के कारण दावे को खारिज कर दिया।

वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक केलदे ने जानकारी देते हुए बताया कि खंडवा के वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र जायसवाल द्वारा वर्ष 2016 में दैनिक भास्कर की मार्केटिंग एजेंसी ली गई थी जिसमें उन्होंने अपने अनुबंध अनुसार जितने भी विज्ञापनों का प्रकाशित किया था उसका पूर्ण भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद अनुबंध के दौरान सुरक्षा बतौर रखे गए चेक का दुरुपयोग कर अधिक राशि वसूलने की गरज से असत्य आधारों पर दैनिक भास्कर की तरफ से प्रीतम राठौर ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। परिवादी द्वारा दावा सिद्ध करने के दौरान बार-बार बयानों से मुकरने एवं संदेहास्पद दस्तावेज पेश करने तथा तथ्यात्मक दस्तावेज नहीं लगाने पर उक्त मुकदमा न्यायालय ने खारिज कर दिया। यह फैसला आने के बाद न केवल देवेंद्र जायसवाल बाइज्जत बरी हुए हैं बल्कि न्यायालय ने यह माना कि देवेंद्र जायसवाल की एजेंसी द्वारा दैनिक भास्कर को 40 लाख से अधिक रुपए का भुगतान भी कर दिया गया इसके बावजूद जो चेक सुरक्षा की दृष्टि से दिया गया था उसे न्यायालय में लगाकर मनमाफिक राशि वसूलने का प्रयास किया गय, जिसमें वह सफल नहीं हुए। इस मुकदमे के साथ ही वह सारे मुकदमे भी प्रकाश में आ गए जो लगभग 50 से अधिक हैं और खंडवा के विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन है तथा दैनिक भास्कर की तरफ से प्रीतम राठौर द्वारा अलग-अलग एजेंटों के खिलाफ मुकदमा लगाया गया है। गौरतलब है दैनिक भास्कर द्वार देवेंद्र जायसवाल का एक फोटो प्रकाशित कर मुकदमे के दौरान दबाव एवं डर बताने और राशि वसूलने के उद्देश्य से और पेशी के दौरान भी जाहिर सूचना लगाकर दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
एक तरह से अलग से मीडिया ट्रायल की कोशिश की गई जिसमें वह सफल नहीं हो पाए और अंततः सत्य की विजय हुई और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस मुकदमे में महत्वपूर्ण फैसला आने के बाद कई लाचार एजेंसी धारकको में अब उम्मीद की किरण भी जागी है कि उनके खिलाफ दायर किए गए मुकदमों में न्याय मिलेगा। साथ ही इस महत्वपूर्ण केस में लगातार जिरह कर विजय प्राप्त करवाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अशोक केलदे को भी कई अधिवक्ताओं के साथ ही शहरवासियों द्वारा बधाई प्रेषित की गई है।





