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रतलामसैलाना

मौत के मुहाने पर 15 दुकानें! छज्जा गिरा, बड़ा हादसा टला… फिर भी प्रशासन खामोश

Publish Date: July 5, 2026

(www.csnn24.com)रतलाम/ सैलाना। नगर के बस स्टैंड पर बने सुलभ कॉम्प्लेक्स के बाहर स्थित करीब 15 जर्जर दुकानें इन दिनों लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। हाल ही में एक बंद पड़ी दुकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। सौभाग्य से उस समय दुकान खाली थी और वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन यह घटना साफ संकेत दे रही है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो कभी भी जनहानि हो सकती है।

सबसे गंभीर बात यह है कि इन दुकानों को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) काफी पहले ही तकनीकी जांच के बाद अत्यंत जर्जर घोषित कर चुका है। इसके बाद नगर परिषद ने दुकानदारों को दुकानें खाली करने के लिए नोटिस जारी किए थे। सात दुकानदारों ने नोटिस का पालन करते हुए अपनी दुकानें खाली कर दीं, जबकि शेष दुकानदारों ने कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद नगर परिषद को 10 दिनों के भीतर सभी संबंधित पक्षों की सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। आदेश के पालन में तत्कालीन सीएमओ मनोज शर्मा ने दुकानदारों की बैठक आयोजित कर उनकी बात सुनी और शेष दुकानदारों को दोबारा नोटिस जारी किए। इसके बाद कुछ दुकानदार पुनः हाईकोर्ट पहुंचे, लेकिन अदालत ने इस बार किसी भी प्रकार की राहत या स्थगन आदेश (स्टे) देने से इनकार कर दिया और मामला जिला प्रशासन के सुपुर्द करते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।
हैरानी की बात यह है कि हाईकोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने और मामला जिला प्रशासन के पास पहुंचने के बावजूद आज तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। परिणामस्वरूप जर्जर दुकानें आज भी उसी स्थिति में खडी हैं और हर दिन लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही खतरा कई गुना बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण दुकानों की दीवारें, छज्जे और छतें कमजोर होती जा रही हैं। हाल ही में छज्जा गिरने की घटना ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यस्त समय में किसी दुकान का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया तो कई लोगों की जान जा सकती है।
रोजाना इन दुकानों के सामने से सैकड़ों लोग,महिलाएं और वाहन चालक गुजरते हैं। दुकानों के आसपास खरीदारी करने वालों की भीड़ भी लगी रहती है। ऐसे में किसी भी समय होने वाला हादसा कई परिवारों की खुशियां छीन सकता है।

जनता में बढ़ रहा आक्रोश

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब संबंधित विभाग भवनों को जर्जर घोषित कर चुका है और न्यायालय की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, तब कार्रवाई में इतनी देरी समझ से परे है। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

-सबसे बड़ा सवाल

जब पीडब्ल्यूडी इन दुकानों को अत्यंत जर्जर घोषित कर चुका है, नगर परिषद नोटिस जारी कर चुकी है और हाईकोर्ट भी मामला जिला प्रशासन को सौंप चुका है, तो आखिर कार्रवाई किस बात का इंतजार कर रही है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे और मासूम लोगों की जान जाने के बाद ही जागेगा, या फिर समय रहते इन मौत की दुकानों पर निर्णायक कार्रवाई होगी?

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Sheemon Nigam

Chief Editor csnn24.com | BJMC +MJMC | Artist by Passion, Journalist by Profession | MD of Devanshe Enterprises, Video Editor of Youtube Channel @buaa_ka_kitchen and Founder of @the.saviour.swarm | Freelance Zoophilist, Naturalist & Social Worker. Podcastor and Blogger | Fresh Experience as Anchor, Content creator and Editor in Media Industry | CACT AWBI & Member of PFA India, Peta India and PAL Foundation Mumbai.

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