सरकारी मेडिकल कॉलेज में दन्त सर्जरी का नया रिकार्ड विशेषज्ञ टीम ने हजारो ऑपरेशन किए सफल आधुनिक उपकरणों से बढ़ा इलाज का स्तर क्षेत्र के मरीजों के लिए बना भरोसेमंद…

(www.csnn24.com) रतलाम दांतो की तकलीफ को अक्सर लोग मामूली समझकर टाल देते है, लेकिन समय पर इलाज न होने पर यही छोटी सी परेशानी गंभीर और खर्चीली बीमारी का रूप ले लेती है। ऐसे में मध्यप्रदेश के रतलाम स्थित शासकीय लक्ष्मीनारायण पाण्डेय मेडिकल कॉलेज का दन्त चिकित्सा विभाग एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। यह विभाग न केवल उन्नत तकनीक से उपचार कर रहा है, बल्कि यह सेवा क्षेत्र के हजारों गरीब और जरूरतमंद मरीजों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है।

निजी चिकित्सालयों में जहाँ जबड़े की टूटी हड्डियों के ऑपरेशन पर भी 50000 से 70000 रूपये तक का खर्च आता है, वहीं इस सरकारी संस्थान में वही उपचार निःशुल्क किया जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल दन्त रोग विभाग के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

6000 का ऑकडा एक ऐतिहासिक उपलब्धि:-
दन्त चिकित्सा विभाग अब तक 6000 से अधिक माइनर सर्जिकल ऑपरेशन, 300 से अधिक मेजर ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न कर चुका है। इनमें सडक दुर्घटनाओं में चेहरे और जबड़े की टूटी हाड्डियों की सर्जरी, गंभीर दन्त संक्रमण के ऑपरेशन, अक्ल दाढ की जटिल शल्य चिकित्सा तथा मुँह के ट्यूमर और गांठों के आपॅरेशन प्रमुख रूप से शामिल है।

इस विभाग की सेवाओं का लाभ केवल रतलाम शहर तक सीमित नहीं है। नीमच, मंदसौर, जावरा, सैलाना, आलोट और आसपास के दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन मरीज यहाँ उपचार के लिए आते है। गाँवों के किसान, मजदूर, महिलाएँ, बुजुर्ग और बच्चे सभी इस सुविधा का लाभ उठा रहे है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ न तो निजी दन्त चिकित्सक आसानी से उपलब्ध है और न ही इतनी आर्थिक क्षमता कि महंगा इलाज करवाया जा सके, वहाँ यह विभाग एक जीवन रेखा का काम कर रहा है।

शासकीय मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मूथा एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में दंत चिकित्सा विभाग द्वारा सराहनीय एवं उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है।
समर्पित विशेषज्ञ टीम :-
विभाग की इस उपलब्धि के पीछे विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार अग्रवाल का कुशल नेतृत्व और उनकी टीम का अथक परिश्रम है। सहायक प्राध्यापक डॉ. अभिषेक सिंह पायक, वरिष्ट रेजिडेंट डॉ. सचिन झों, डॉ. आरती श्याम तथा कनिष्ठ रेजिडेंट डॉ. आरूषी, डॉ. चंद्रप्रना।

डाक्टरों की पूरी टीम प्रतिदिन ओ.पी. डी और ऑपरेशन थिएटर में पूरी निष्ठा से सेवाएं दे रही है। हर मरीज को व्यक्तिगत ध्यान और संवेदनशीलता के साथ देखा जाता है। दन्त रोग चिकित्सकों द्वारा प्रतिदिन ऑन कॉल इमेरजेंसी ड्युटी में 3 से 4 मरीजों को इमरजेंसी ट्रीटमेंट किया जाता है। एवं दन्त रोग विभाग के चिकित्सकों द्वारा माइनर ओ.टी में 8 से 10 मरीजों के डेन्टल सर्जिकल प्रोसीजर किये जा रहे है। मेजर सर्जिकल ऑपरेशन करने में निश्चेतना विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र डावर एवं उनकी टीम के सहयोग से दन्त रोग विभाग के चिकित्सकों द्वारा मेजर ऑपरेशन थिएटर में मेजर सर्जरी की जा रही है।
इन परिस्थितियों में तुरन्त ले उपचार :-
चिकित्सकों के अनुसार निम्नलिखित स्थितियों में बिना देरी किए दन्त चिकित्सक से मिलना चाहिए।
दांत में लगातार या तेज दर्द होना
मसूड़ों से खून आना या सूजन होना
अक्ल दाढ में असहनीय दर्द या सूजन
चेहरे या जबडे पर चोट लगना
मुँह में लंबे समय से न भरने वाला घाव या छाला
दांत का हिलना या अचानक टूट जाना
चबाने या बोलने में कठिनाई होना
कैसे ले सेवा का लाभ :-
शासकीय लक्ष्मीनारायण मेडिकल कॉलेज कादंत चिकित्सा विभाग प्रतिदिन सुबह ओ.पी.डी में मरीजों को देख्ता है। किसी भी दंत समस्या के लिए सीधे विभाग में पहुँचकर पंजीकरण कराएँ। यहाँ जाँच, दवाईयों और ऑपरेशन सभी सेवाएँ निःशुल्क उपलब्ध है।





