रतलाम की लालबाग एवेन्यू में पशु क्रूरता का शर्मनाक और दिल दहला देने वाला वीडियो हुआ वायरल
दो महिलाओं ने एक कुत्ते के बच्चे को रस्सी से बांधकर स्कूटी दौड़ाकर घसीटा...

www.csnn24.com| मध्य प्रदेश के रतलाम शहर की पॉश कॉलोनी लालबाग एवेन्यू में पशु क्रूरता का शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां दो महिलाओं ने इंसानियत को शर्मसार करते हुए एक कुत्ते के बच्चे को रस्सी से बांधकर स्कूटी दौड़ाकर घसीटा। आसपास के लोगों ने आवाज लगाकर इन महिलाओं को रोका भी लेकिन वो नहीं रुकीं और स्कूटी तेज स्पीड से चलाते हुए कुत्ते के बच्चे को घसीटते हुए ले गईं।

क्या है पूरा मामला ?
दूर वीडियो में 200 मीटर से ज्यादा तक कुत्ते के बच्चे को घसीटते हुए महिलाएं दिख रही हैं। बड़बड़ रोड़ स्तिथ लालबाग एवेन्यू , राजबाग कॉलोनी क्षेत्र का ये वीडियो सामने तब आया जब शुक्रवार 6 मार्च 2026, रात 9 .35 पर शहर के वरिष्ठ पत्रकार अमित निगम को सूत्रों से प्राप्त हुआ, उन्होंने तुरंत अपने शहर के विश्वशनीय व्हाट्सएप्प के ब्रेकिंग न्यूज़ ग्रुप में डाला ताकि मामला संज्ञान में लिया जाये ! शहर में सोशल मीडिया पर भी इसके बाद फुटेज वायरल हो गयी ! सभी जीव प्रेमी व समाज सेवी पत्रकार मित्रों ने वीडियो देखते ही इस पर कानूनी कार्यवाही की मांग की और वे सब तुरंत थाने पहुँचे ! रात के 10 .35 बजे शक्ति नगर निवासी वरिष्ठ पत्रकार विजय मीणा एवं अदिति मिश्रा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। प्रेस क्लब उपाध्यक्ष, सुजीत उपाध्याय, नवीन टांक नरेंद्र अग्रवाल लालचंद राठौर राजेश पोरवाल सहित कई माननीय पत्रकार मौज़ूद थे ! फिर इन सब ने मिलकर रात के 11. 30 बजे कॉलोनी में कुत्ते के बच्चे को ढूंढा जो की घायल अवस्था में मिला | उसकी मरहम पट्टी की गयी !

जानकारी के मुताबिक बताया कि वीडियो में दो महिलाएं स्कूटी पर जाती हुई दिख रही हैं। पीछे बैठी महिला कुत्ते के बच्चे को रस्सी से बांधकर क्रूरतापूर्वक घसीटते हुए ले जा रही है। घसीटने में कुत्ते के बच्चे को सड़क से रगड़ लग रही है। आसपास वाले महिलाओं को रोकने के लिए आवाज भी लगा रहे हैं लेकिन इन महिलाओं ने गाड़ी नहीं रोकी। रिपोर्ट में इन महिलाओं के नाम दीपिका पाटीदार और पूजा पांचाल बताए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्र थाना टीआई सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया फरियादी ने जिन महिलाओं के नाम बताए हैं उन पर पशु पशु क्रूरता अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 11 और पशु क्रूरता से जुड़ी बीएनएस की धारा 325 में केस दर्ज किया गया है।

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क्या खो गयी इंसानियत ?
घटना को लेकर क्षेत्रवासियों में गुस्सा है। उनका कहना है कि कुत्ते के बच्चे गंदगी फैला रहे थे, इसका मतलब यह नहीं है कि हम भी उनके साथ जानवर बन जाएं। इन महिलाओं ने मासूम पिल्ले के साथ क्रूरता की है। उसे उसकी मां से भी दूर छोड़ दिया है। घसीटने में उसे काफी चोट लगी है। उसकी कुत्ते के बच्चे की माँ को कैंसर भी है !
सबसे बड़ी बात ये है कि रतलाम में पशु क्रूरता बहुत बढ़ गई है, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर रिजर्व है, जो पुराने नियम है वो लागू है और नये नियम आने वाले हैं उनके मुताबिक भी सोसायटी और कॉलोनियों में स्ट्रीट कुत्ते नहीं हटाए जा सकते , स्पेशली वैक्सीनेटेड और स्टरलाइज्ड परन्तु कई कॉलोनी के लोग झूठी सीएम कंप्लेंट डालते है कुत्ते पकड़ने के लिए जबकि बाइट केस नहीं हो तब भी ! साथ ही एनिमल फीडर और हेल्पर्स को परेशान किया जाता है जबकि वे रूल्स फॉलो करते है ! शहर में इस विषय पर अवेयरनेस की ज़रूरत है तथा कड़ी कार्यवही की भी ताकि लोग आगे से ऐसा न करें !
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नियम कानून क्या कहते है ?!
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 (PCA) – धारा 11: जानवरों को बेवजह पीड़ा देना, लाठी से मारना, भूखा-प्यासा छोड़ना, या गैर-कानूनी तरीके से कुत्तों को हटाना अपराध है। भारत में कुत्तों या किसी भी जानवर के साथ क्रूरता, उन्हें मारने, जहर देने या घायल करने पर IPC की धारा 428 और 429, तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही (जेल और जुर्माना) की जा सकती है। संविधान का अनुच्छेद 51A(g) जीवों के प्रति दया भाव रखने का कर्तव्य बनता है !
आशा है की जिम्मेदार ध्यान देंगे एवं कठोर कर्यवाही होगी ताकि बेज़ुबान की अहमियत सभी लोग समझे !




