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धन्य है रतलाम के राजनेता और रतलाम का मेडिकल कॉलेज… समाजसेवी से मांग रहे हैं सर्जिकल सामग्री…
एक बार फिर काकानी वेलफेयर फाउंडेशन ने अपना कर्तव्य निभाया...

Publish Date: March 30, 2024
(www.csnn24.com)रतलाम रतलाम का मेडिकल कॉलेज अपनी सुविधाओं को लेकर नहीं अपितु यहां की बदहाली , अव्यवस्थाओ के लिए धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में कुख्यात होता जा रहा है। विकास के नाम पर मेडिकल कॉलेज की सबसे पहले गिनती कराई जाती है और बड़े-बड़े कसीदे इसके संदर्भ में कढ़े जाते हैं। लोकसभा चुनाव में भी इस उपलब्धि को भुनाया जाएगा ।चाहे इसका श्रेय लेना हो चाहे इसकी मिसाल देना हो या फिर नामांकरण की बात हो सभी अपने-अपने दावे करते हैं। परंतु यहां पर क्या बदहाली है बद इंतजामी है इस पर कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है हां चुनाव के समय अपना अपना श्रेय लेने के लिए इसका नाम बार-बार लिया जाता है। क्या पक्ष क्या विपक्ष सभी मेडिकल कॉलेज का श्रेय लेने के लिए लगे रहते हैं। हाल ही में संभागायुक्त भी यहां की बाद इंतजाम्मी को देखकर काफी खरी खोटी सुना कर गए हैं परंतु शायद जिम्मेदारों के कानों पर कोई जू रेंगी है और ना ही रेंगेगी।
आने वाले त्योहारों के मद्देनजर सभी विभागों ने खासकर पुलिस जिला प्रशासन एवं चिकित्सा प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्था करी थी। परंतु मेडिकल कॉलेज इससे अछूता रहा। इसका एक छोटा सा उदाहरण यह है कि
रंग पंचमी के पावन पर्व पर निकलने वाली गैर में सम्मिलित सभी लोग आनंद में थे। इसी बीच डॉ लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग प्रभारी डॉ नीलम चार्ल्स का समाजसेवी गोविंद काकानी के मोबाइल पर संदेश आया की रंग पंचमी के कारण ड्रेसिंग के प्रकरण अत्यधिक आ रहे हैं अतः तत्काल कुछ ड्रेसिंग सामग्री की व्यवस्था करें।संदेश मिलते ही काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के नन्हे सदस्य शिवांश सौरभ काकानी के साथ सचिव गोविंद काकानी सामग्री लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और स्टाफ की उपस्थिति में सर्जरी विभाग प्रभारी नीलम चार्ल्स को सौपी| अब समझा जा सकता है कि बड़े-बड़े दावे करने वाला डॉक्टर लक्ष्मी नारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज कितना आम जनता के लिए सुविधाजनक और सार्थक सिद्ध हो रहा है ?जहां पर मामूली सर्जरी की सामग्री उपलब्ध न हो तो आम जनता बड़ी व्यवस्थाओं की क्या आशा रखेगी। हां इस बात में कोई दो राय नहीं है कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक सभी जगह अपने-अपने निजी चिकित्सालय में अथवा नर्सिंग होम में आम जनता की सेवा कर कर अपनी भी सेवा कर रहे हैं। और कर भी क्यो नहीं यदि मेडिकल कॉलेज में सुविधा नहीं है तो इलाज कैसे होगा। भगवान ना करें कि कभी मेडिकल कॉलेज के डीन को अपने मेडिकल कॉलेज की अति आवश्यक दवाई के लिए काकानी वेलफेयर समिति को फोन लगाना पड़े।