
(www.csnn24.com) रतलाम भाजपा और भाजपा के प्रह्लाद एक बार पुनः कांग्रेस के निशाने पर और मुश्किल में है हालांकि उनका प्रयास रहता है कि वह रतलाम के विकास में भागीदार बने और रतलाम के लिए कुछ नया करें ।परंतु हमेशा रतलाम के प्रथम नागरिक महापौर प्रहलाद पटेल अपनी कार्यशैली के कारण सुर्खियों में आ जाते हैं फिर चाहे बात नगर का विकास को लेकर हो चाहे फिर कोई अन्य कार्यक्रम वह हमेशा नगर की चिंता में लगे रहते हैं कभी वीडियो सामने आता है चुनाव के दौरान गुस्सा होने का तो कभी नगर निगम के ठीक सामने अधिकारी को नगर की व्यवस्था सुधारने को लेकर लताड़ लगाने का, तो कभी वीडियो सामने आता है नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर ₹2 प्रत्येक घर से मांगने का और उसके बाद खंडन का तो कभी वीडियो सामने आता है कालिका माता मेला अथवा त्रिवेणी मेले में अश्लील डांस का और उसके बाद माफी और सफाई का। या फिर मुख्यमंत्री के धन्यवाद कार्यक्रम में थोड़ी थोड़ी पिया करो और शराबबंदी पर विवादित बोलl एक बार फिर रतलाम के महापौर प्रहद पटेल और और भाजपा कांग्रेश के निशाने पर हैl कारण है कि रतलाम के प्रथम नागरिक प्रह्लाद पटेल के द्वारा रतलाम की जनता के लिए और रतलाम के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन जिला बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के जानिब से अपनी सरपरस्ती में आयोजित किया गया। और यह प्रतियोगिता इंडियन बॉडी बिल्डिंग फेडरेशन की सरपरस्ती में नेशनल जूनियर बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता के नाम पर आयोजित की गई थीl 4 चरणों में होने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बैनर पर स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था कि इस प्रतियोगिता को अंडर दी लीडरशिप आफ प्रहलाद पटेल के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इस प्रकार की सकारात्मक और युवाओं में ऊर्जा और खेल के प्रति जोश और जुनून उत्पन्न करने वाली अवश्य होनी चाहिए। परंतु एक बार पुनः भाजपा और महापौर प्रह्लाद पटेल सोशल मीडिया पर ट्रोल होना शुरू हो गए हैं और कांग्रेस ने इसको मुद्दा बना लिया है। इसका कारण यह है कि इस प्रतियोगिता में मंच पर सनातन धर्म के आराध्य ब्रह्मचारी बजरंगबली की आदम कद प्रतिमा लगाई गई थी और इसी प्रतिमा के सामने सारी प्रतियोगिता आयोजित की गई। और जब इस प्रतियोगिता के दौरान जब महिला प्रतिभागियों के द्वारा शरीर शौष्ठव का प्रदर्शन करा गया, तो यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया कारण यह था कि जिस प्रकार का प्रदर्शन किया गया वह धर्म प्रेमियों खासकर कांग्रेस को बिल्कुल भी गले नहीं उतरा क्योंकि यह प्रदर्शन बजरंगबली प्रतिमा के सामने जिस प्रकार से किया गया उसने इस प्रतियोगिता गरिमा और आयोजकों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिए। और सोशल मीडिया पर प्रश्नचिन्ह उठने लगा कि जब पठान फिल्म को लेकर तमाम संगठन और लोग एकजुट हो गए थे तथा केसरिया रंग गाने और उस फिल्म की अदाकारा और हीरो पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाते हुए फिल्म को बाय काट करा था अब इसके पश्चात रतलाम में इस प्रतियोगिता में महिला प्रतिभागियों के द्वारा जिस प्रकार से बजरंगबली की प्रतिमा सामने प्रदर्शन किया गया वह चर्चा का विषय बन गया है । अपने प्रदर्शन के दौरान महिला साधकों के द्वारा धारण किए गए कपड़े और सैंडल में बार-बार बजरंग बली की प्रतिमा के सामने से निकलने और उसके समक्ष प्रदर्शन करना विवाद का कारण बनाl और अब एक बार पुनः महापौर प्रहलाद पटेल अपने कार्यक्रम को लेकर चर्चा में हैं ।और जनता में सुगबुगाहट है कि यदि इसी प्रकार महापौर का कार्यकाल और कार्यशैली चलती रही तो फिर आने वाले समय में विधानसभा चुनाव बड़ा गंभीर और कठिन डगर वाला होगा क्योंकि दिल है कि मानता ही नहीं। इसके साथ-साथ सोशल मीडिया पर यह भी प्रश्न उठ रहा है कि अब इस कृत्य का कौन विरोध करेगा सिर्फ कांग्रेस अथवा और कोई संगठन भी। उधर कांग्रेस ने पूरे मुद्दे को जोर शोर से भुनाना शुरू कर दिया है। युवक कांग्रेस के अध्यक्ष मयंक जाट एवं पूर्व महापौर तथा विधायक पारस सकलेचा ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा की कथनी और करनी का अंतर है। कांग्रेस ने आज विधायक सभागृह जहां पर कार्यक्रम हुआ था उसके शुद्धिकरण की बात कहते हुए गंगाजल से धोने का आयोजन रखा है।
देर रात को थाने पर भाजपाइयों का हंगामा :- पूरे घटनाक्रम के बाद जैसे ही सोशल मीडिया पर कांग्रेस की आईटी सेल सक्रिय हुई और एक के बाद एक पोस्ट आने लगी एवं वीडियो वायरल होने लगे तो आनन-फानन में महापौर एवं भाजपा पार्षद रूद्र पैलेस होटल में एकत्रित हुए वहां पर रणनीति तैयार करने के पश्चात सोशल मीडिया पर महिलाओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता अमिताभ शर्मा की टिप्पणी को लेकर आक्रोश व्यक्त करा तथा औद्योगिक क्षेत्र थाने पर पहुंचकर वहां पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात करते हुए अमिताभ शर्मा की गिरफ्तारी की मांग करी पुलिस के द्वारा तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर थाने पर जमकर हंगामा हुआ भाजपा कार्यकर्ताओं पार्षदों एमआईसी सदस्यों के द्वारा थाना प्रभारी कक्ष एवं थाना परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की गई तथा बैठकर प्रदर्शन भी किया गया इस दौरान कुछ पार्षदों एवं एमआईसी सदस्यों के द्वारा औद्योगिक क्षेत्र थाने पर तालाबंदी कर दी गई जिससे पीएसपी एवं अन्य लोगों ने बमुश्किल खुलवाया तथा लिखित में आवेदन देकर कार्रवाई का आश्वासन देने पर पूरे मामले को शांत किया








