जावरा में आज अनंत चतुर्दशी, सामूहिक गणेश विसर्जन पर सबकी नजर…
पैलेस मैदान से पहली बार निकलने वाले चल समारोह को लेकर मतभेद, 1000 से ज्यादा जवान संभालेंगे मोर्चा...

(www.csnn24.com)रतलाम /जावरा अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को जावरा में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का बड़ा आयोजन होने जा रहा है। इस बार शहर में पहली बार प्रमुख गणेश प्रतिमाओं को एक साथ लेकर सामूहिक विसर्जन चल समारोह निकालने की तैयारी है। समारोह के लिए पैलेस मैदान को प्रारंभिक स्थल बनाया गया है। इसी स्थान को लेकर मतभेद सामने आने के बाद शहर का माहौल संवेदनशील हो गया है और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। तो वहीं पर आयोजन समिति के द्वारा भी समारोह को भव्य बनाने की तैयारी की गई है इसमें भजन गायिका शहनाज अख्तर भजन प्रस्तुति देंगी तो वहीं नासिक की ढोल ताशा पार्टी भी आएगी। अखाड़े झांकियां की सम्मिलित होगी। तथा जगह-जगह प्रसादी स्वल्पाहार के स्टाल लगाए जाएंगे।
शहर में आज होने वाले आयोजन पर पुलिस और प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। सुरक्षा के लिए 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को मैदान में उतारा गया है। इनमें आरएएफ की दो कंपनियां, एसएएफ की पांच कंपनियां, एक महिला बटालियन, पांच एएसपी, आठ डीएसपी और करीब 40 टीआई शामिल हैं। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 वज्र वाहन भी तैनात किए गए हैं।
ड्रोन से लेकर सीसीटीवी तक, हर गतिविधि पर नजर
चल समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर रखा गया है। शहर में 15 ड्रोन और करीब 30 वीडियो कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से प्रमुख चौराहों, संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्ग पर नजर रखी जाएगी।
बड़ी गणेश झांकियों के साथ सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती रहेगी। वहीं संवेदनशील इलाकों में पुलिसकर्मी ऊंची इमारतों और छतों से भी निगरानी करेंगे।
आखिर पैलेस मैदान को लेकर क्यों हुआ विवाद?
पूरे मामले में विवाद का मुख्य केंद्र पैलेस मैदान है। मुस्लिम समाज की ओर से इस स्थान को लेकर आपत्ति जताई गई है। उनका कहना है कि यह कर्बला मैदान है और यहां पर मुस्लिम समाज के धार्मिक आयोजन होते रहे हैं। ऐसे में यहां से किसी नई धार्मिक परंपरा की शुरुआत भविष्य में विवाद का कारण बन सकती है।
दूसरी ओर हिंदू पक्ष की ओर से कहा गया है कि शहर की प्रमुख गणेश प्रतिमाओं को एक मंच पर लाकर सामूहिक विसर्जन चल समारोह निकालने का उद्देश्य आयोजन को व्यवस्थित और एकरूप बनाना है। बाजार के नजदीक होने के कारण पैलेस मैदान को प्रारंभिक स्थल के रूप में चुना गया है और इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य नहीं है।
1992 के बाद फिर इतनी बड़ी पुलिस मौजूदगी
जावरा में मौजूदा तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। स्थानीय स्तर पर इसे 1992 के बाद शहर में सबसे संवेदनशील परिस्थितियों में से एक माना जा रहा है।
गुरुवार शाम पुलिस बल की कंपनियां जावरा पहुंचीं। इसके बाद एसपी अमित कुमार और एएसपी विवेक लाल के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों और चल समारोह के संभावित मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की।
मंदिर में पूजा के बाद शांति का संदेश
फ्लैग मार्च के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया और एसपी अमित कुमार श्री जागनाथ महादेव मंदिर पहुंचे। यहां अधिकारियों ने पूजन-प्रार्थना कर शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने की कामना की।
अब शुक्रवार को होने वाले अनंत चतुर्दशी के आयोजन पर प्रशासन की पूरी निगाह रहेगी। एक ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन में शामिल होंगे, वहीं दूसरी ओर पुलिस-प्रशासन की चुनौती होगी कि आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और जावरा की सामाजिक एकता एवं भाईचारा कायम रहे।





