जिले में बीते 5 वर्षो में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश शासन ने 52 करोड़ रु की राशि स्वीकृत की…

(www.csnn24.com) जावरा/भोपाल रतलाम जिले में बीते 5 वर्षो में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश शासन ने 52 करोड़ रु की राशि स्वीकृत की है।इन वर्षो में जिले में एक लाख महिलाओ को समूह से जोड़ा गया है।। उक्त जानकारी पंचायत मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने जावरा विधायक डॉ राजेन्द्र पांडेय के प्रश्न पर दी।डॉ पांडेय ने जिले के महिला स्वसहायता समूह के कार्यो का विषय उठाया, जिस पर मंत्री श्री पटेल ने बताया कि रतलाम जिले में 8665 महिला स्वसहायता समूह को पंजीकृत किया गया,जिसमे से 8401 सक्रिय समूह है।इन समूहों से एक लाख 68 महिलाएं जुड़ी हुई है।आपने आगे बताया कि आजीविका मिशन के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जिले में पांच वर्षों में 52 करोड़ 28 लाख रु की राशि स्वीकृत की गई।इसके अलावा पांच वर्षों में समूह व संगठनों को कार्यो व रोजगारोन्मुखी कार्यो के लिए लगभग 40 करोड़ रु का अनुदान भी दिया गया।रतलाम जिले में रोजगार दिए जाने को लेकर विधायक डॉ पांडेय के प्रश्न पर कौशल विकास मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि जिले में एक शासकीय व दो निजी पॉलिटेक्निक संस्थाए संचालित की जा रही है।आगे बताया कि गत पांच वर्षों में 40 रोजगार मेलो का आयोजन किया गया।जिसमें 14 हजार बेरोजगारआकांक्षी युवाओ ने भाग लिया,जिसमे से 2021 युवाओ को विभिन्न कंपनियों में रोजगार मिला।इसके अलावा जिले के आईटीआई में शिक्षित युवाओ में से 1616 युवाओ को केम्पस सिलेक्शन के माध्यम से रोजगार मिला।विधायक डॉ पांडेय ने जिले में चल रही आयुष गतिविधियों की बात उठाई ,जिस पर आयुष मंत्री इंदर सिंह ने बताया कि रतलाम जिले में 36 आयुर्वेद,होम्योपैथी व यूनानी औषधालय संचालित है।जिसमे से 9 संस्थाए भवनविहीन है।इसके अलावा बीते वर्षो में इन संस्थाओं के मरम्मत व जीर्णोद्धार के लिए 47 लाख रु की राशि स्वीकृत की गई।आयुष औषधालयों में रिक्त पदों की भर्ती नियुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है।जिले में सहकारी संस्थाओं में आर्थिक अनियमितताओं के विधायक डॉ पांडेय के प्रश्न पर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि बीते वर्षो में जिले में 3 संस्थाओं में अनियमितताओं की शिकायतें मिली। एक संस्था की पुलिस कार्यवाही की गई,वही एक संस्था के कर्मचारी से राशि वसूली की कार्यवाही की गई।जिले में 103 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं में से 86 संस्थाए घाटे में है।घाटे से उबारने के लिए कृषि ऋण वितरण के साथ साथ अन्य व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन भी किया जा रहा है।





