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रतलाम के ABC डॉग स्टेरलाइजेशन सेंटर की हालत बेहद चिंताजनक, बेजुबानों के साथ हो रहा अमानवीय व्यवहार

आखिर कब तक प्रशाशन करेगी इग्नोर !!!???

Publish Date: July 5, 2025

www.csnn24.com| रतलाम, मध्य प्रदेश | विशेष रिपोर्ट –  रतलाम के बिरयाखेड़ी-जुलवानिया में स्थित शहर का एकमात्र डॉग स्टेरलाइजेशन सेंटर (ABC सेंटर) अपनी बेहद दयनीय स्थिति को लेकर इन दिनों सुर्खियों में है। यह सेंटर जिस उद्देश्य से बनाया गया था — बेजुबान जानवरों की देखभाल और नसबंदी — वहां अब असहाय कुत्तों की दुर्दशा, उपेक्षा और अमानवीयता की कहानी बयाँ कर रहा है और सूत्रों के अनुसार अब तो वहां टेंडर भी ख़त्म हो चूका है !

स्थानीय लोगों और एनिमल लवर्स के अनुसार यह सेंटर एक डंपिंग ग्राउंड के पास स्थित है, जहां 5 किलोमीटर दूर से ही भयानक बदबू महसूस की जा सकती है। पूरे परिसर में गंदगी, कचरा और बदबू का आलम है, जबकि वहां रखे गए कुत्ते भूख-प्यास और दर्द में कराहते पाए गए।

स्थानीय नागरिकों ने लगाए गंभीर आरोप

  • सेंटर में न तो पर्याप्त स्टाफ है, न ही चिकित्सा उपकरण।
  • नसबंदी के नाम पर कुत्तों को पकड़कर लाया जाता है, लेकिन सही तरीके से सर्जरी या वैक्सीनेशन नहीं किया जाता।
  • कुत्तों की देखरेख के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है; कई मामलों में कुत्ते वहां से संक्रमण लेकर लौटे और उनकी मौत हो गई।
  • आम जनता को अंदर जाकर यह देखने की अनुमति नहीं दी जाती कि कुत्तों के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है।

एक नागरिक ने बताया, “मेरे एक परिचित ने अपने पालतू स्ट्रीट कुत्ते को नसबंदी के लिए वहां भेजा था। कुछ दिनों बाद उसे गंभीर संक्रमण हो गया और वह मर गया। जब हमने अंदर जाकर जांच करने की कोशिश की, तो हमें जबरदस्ती बाहर कर दिया गया।”

गायब होते कुत्ते, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता प्रशासन

सेंटर से जुड़े लोगों पर यह भी आरोप है कि कई बार जब CM हेल्पलाइन में कितनी ही लोग गलत और झूटी कंप्लेंट डालते है तो बिना वेरीफाई करे कुत्तों को पकड़ के गाड़ियों में बैठा कर लाया जाता है, लेकिन बाद में वे कहां जाते हैं, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं होता।बिना वेक्सिनेशन करे इधर उधर छोड़ दिया जाता है |

नगर निगम से जुड़े अधिकारियों को कई बार शिकायतों के माध्यम से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक किसी तरह की कार्यवाही या सुधार नहीं किया गया !

2021 में ऐसा हुआ करता था सेंटर

लाखों के टेंडर, फिर भी जीर्ण-शीर्ण व्यवस्था

बताया जा रहा है कि इस सेंटर के लिए लाखों रुपए के टेंडर पास होते आये हैं, लेकिन वहां किसी भी तरह की सुविधा दिखाई नहीं देती। न तो स्टाफ है, न दवाइयां, और न ही कोई प्रॉपर मैनेजमेंट।15 – 20 कुत्तो को एकसाथ भर रखते है |

 

एनिमल एक्टिविस्ट ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

शहर की एक जागरूक एनिमल लवर, पत्रकार शिमोन निगम ने शहर के एकमात्र डॉग स्टेरलाइजेशन सेंटर में हो रहे बेजुबान जानवरों के साथ अमानवीय व्यवहार के खिलाफ आवाज़ उठाई है। उन्होंने रतलाम के पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार को एक विस्तृत आवेदन पत्र सौंपा है, जिसमें पशु क्रूरता की घटनाओं और पीड़ितों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्यवाही की मांग की गई है।

पिछले छह वर्षों से व अपनी छोटी बहन देवांशी निगम जो की लॉ की पढ़ाई कर रही है, अपने परिवार के साथ मिलकर अपने स्थानीय कॉलोनी में स्ट्रे डॉग्स की सेवा कर रही है जिसके लिए उन्होंने अपना खुद का रजिस्टर्ड सोशल मीडिया ग्रुप @the.saviour.swarm भी बना रखा है | साथ ही उनके पास AWBI (Animal Welfare Board of India), PETA India, PFA Delhi, PAL Foundation Mumbai जैसी बड़ी संस्थाओं की मेम्बरशिप भी है | उनके कई कार्यो को मेनका गाँधी जी व् मुंबई सीनियर इंस्पेक्टर सुधीर कुंडालकरएनिमल एक्टिविस्ट सेलिब्रिटीज ने भी सराहा है | वे देखरेख, भोजन, सुरक्षा,चिकित्सा, और रेस्क्यू कार्यों में सक्रिय हैं |वे खुद के प्राइवेट पशु डॉक्टर द्वारा समय समय पर उनका वेक्सिनेशन भी करवाते है, जबकि ये नगर निगम का कार्य है |  उन्होंने बताया कि शहर के जुलवानिया स्थित डॉग नसबंदी केंद्र में न तो उचित मेडिकल सुविधाएं हैं, न स्टाफ, और न ही पारदर्शिता क्योकि उन्होंने जब वहां कॉल पर बात की और आँखों देखा हाल देखा तो कई तथ्य झूठे साबित हुए और सच्चाई सामने आयी !

उन्होंने दावा किया कि कई कुत्ते वहां से लौटने के बाद संक्रमण के शिकार होकर मर चुके हैं, जबकि कुछ का कोई अता-पता नहीं चलता। और ये सभी बाते उन्होंने अपने अनुभव व कई परिचित लोगो के द्वारा बताने पर उजागर की है ! जब लोग सेंटर में जाकर देखना चाहते हैं कि उनके पालतू स्ट्रीट कुत्तों के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है, तो उन्हें भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जाती।

एनिमल और फीडर राइट्स का उल्लंघन

उन्होंने आवेदन में ये भी बताया की हमारी राजबाग कॉलोनी के कई लोग पिछले 6 साल से उन्हें भी परेशान कर रहे है | आये दिन एब्यूज, हेरेस करना, कुत्तो के खाने पिने के बर्तन तोड़ना, उनको पथर, डंडे, ईट से मारना, कॉलोनी की सड़क पर घूमने पर, गार्डन में बैठने पर मारना, दुत्कारना, घर के बच्चों से कुत्तों को डंडे मरवाना , जानबुझकर कुत्तों को छेड़ना, प्रवोक करना ताकि वो भौंके या लपके जैसी हरकते शामिल है। 6 साल में इन कुत्तों ने किसी को भी खरोच नहीं पहुंचाई व सभी वेक्सीनेटेड है |

फिर भी लोग इनसे चिढ़ते हैं, जबरदस्ती इंटेंशनली परेशान कर रहे हैं | उनके पास मोबाइल रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज, आई विटनेस, सब प्रूफ है जो उन्होंने पुलिस अधीक्षक के साथ साझा भी किये आवेदन देते हुए । उन्होंने बताया की उनकी कॉलोनी में तथा शहर में कई जगह कुत्तों को ज़हर देना, मारना, फीडर को परेशान करना, कुत्तों को रिलोकेट करना, झूठी CM helpline में कंपलेंट करना और कुत्ता गाड़ी बुलाना जैसे इल्लीगल काम हो रहे है जो हमने कई बार रोके हैं । वे लोग यथा संभव हर एनिमल फीडिंग रूल भी फॉलो करते हैं, अभी तक कोई उल्लंघन नहीं हुआ है |

लगातार जबकि एनिमल और फीडर राइट्स का उल्लंघन कुछ लोगों द्वारा उनकी कॉलोनी में हो रहा है। अगर इसे रोका नहीं गया तो भविष्य में कुछ भी बड़ी घटना दुर्घटना हो सकती हैं।

Street Animal & Feeder Rights PDF

सिर्फ सेंटर ही नहीं रतलाम के कई प्रसिद्ध एनिमल लवर, ग्रुप व डॉक्टर लापरवाह !

उन्होंने अपने पर्सनल एक्सपीरियंस से बताया की रतलाम के कई प्रसिद्ध जाने माने एनिमल लवर केवल नाम के है ! रतलाम में, भले ही आप सबसे प्रसिद्ध निजी या सरकारी पशु डॉक्टरों या सहायकों को बुलाएं, वे समय पर नहीं आते हैं, वे देरी करते रहते हैं, यह कहकर कि वे रास्ते में हैं या किसी अन्य केस में व्यस्त हैं ! जब तक वे आते हैं, तब तक बेचारा प्राणी तड़प कर मर चुका होता है ! सुबह से रात तक इंतजार करना पड़ता है और कोई नहीं आता… फोन कॉल्स की एक सूची बनाई जा सकती है, मुँह मांगे पैसे देने पर भी सहायता नहीं करते है ! दुख की बात है कि रतलाम में केवल 5-6 वास्तविक पशु सहायक हैं; बाकी लोग बिना कोई वास्तविक काम किए सिर्फ प्रसिद्धि चाहते हैं ! नगर निगम से लेकर जीव दया सोसाइटी के कितने की लोग, सरकारी पशु डॉक्टर व सो कॉल्ड एनिमल एक्टिविस्ट लापरवाह है और फर्जी है !

कुछ नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी तो ऐसे है की वे झूठा आश्वाशन देकर OTP लेकर CM helpline भी कटा लेते है, पर काम नहीं करते ! जिसका सबुत ये है की उन्होंने वीडियो और फोटो के दिए थे लोगो के खाली प्लाट पर कचरा और गंदगी फैलाते हुए, जलाते हुए , महापौर प्रह्लाद पटेल जी की मुहीम अंतर्गत फिर भी एक महीना ऊपर होने आया है दोषियों पर पेनल्टी नहीं लगाई गयी ! ऐसे कई सबुत और गवाह मौजूद है !

शिमोन निगम का कहना है की रतलाम के कितने ही मीडिया पोर्टल व् न्यूज़ पेपर कुत्तो के खिलाफ तेज़ी से न्यूज़ छापते है लेकिन जब मुद्दे में कुत्तो पर या बेज़ुबान पर अत्याचार हो रहा हो तब ऐसे मुद्दों को छापना तो दूर उनके बारे में बात भी नहीं करते !

पुलिस अधीक्षक ने लिया संज्ञान

उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि यदि इस तरह की लापरवाही और क्रूरता को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो सकती है। उन्होंने शहर के अन्य एनिमल लवर्स, सोशल वर्कर्स और मीडिया से भी इस मुद्दे पर साथ खड़े होने की अपील की है। सूत्रों के अनुसार पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उचित विभाग को प्राथमिकता से जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने आवेदन में माँग की है –

  • पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्टेरलाइजेशन सेंटर का औचक निरीक्षण किया जाए।
  • सेंटर में हो रही अनियमितताओं की गहन जांच की जाए। सेंटर की गतिविधियों में पारदर्शिता लाई जाए ! टेंडर किसी प्रॉपर आर्गेनाईजेशन व व्यक्ति को सौंपा जाये !
  • जिन स्थानों पर स्ट्रीट एनिमल व् फीडर पर जुल्म हो रहा है , उन मुद्दों को पुलिस द्वारा संज्ञान में लिया जाये !
  • दोषियों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।

मीडिया और प्रशासन से अपील

इस अमानवीयता को देखते हुए शहर के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन, मीडिया और पशु कल्याण संगठनों से इस विषय में तत्काल जांच और हस्तक्षेप की मांग की है। बेजुबान जानवरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर चल रहा यह सेंटर अब खुद ही इन मासूमों की मौत का कारण बनता जा रहा है। रतलाम में कोई एनिमल वेलफेयर शेल्टर भी नहीं है ! यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह न केवल नैतिक, बल्कि कानूनी रूप से भी एक बड़ा अपराध होगा।

यह एक ऐसा मुद्दा है जो केवल जानवरों का नहीं, इंसानियत का है। यदि आपके पास भी इस सेंटर से जुड़ा या एनिमल क्रुएल्टी, स्ट्रीट डॉग फीडर हरस्मेंट का कोई अनुभव है, तो हमारे साथ साझा करें हम उसे अपने पेज व मीडिया पोर्टल पर उजागर करेंगे ।

*   हमारे साथ साझा करें आपके अनुभव यहां (कोई प्रूफ हो तो वो भी मेल करें )– thesaviourswarm21@gmail.com & csnn2415@gmail.com    *

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Sheemon Nigam

Chief Editor csnn24.com | BJMC +MJMC | Artist by Passion, Journalist by Profession | MD of Devanshe Enterprises, Video Editor of Youtube Channel @buaa_ka_kitchen and Founder of @the.saviour.swarm | Freelance Zoophilist, Naturalist & Social Worker. Podcastor and Blogger | Fresh Experience as Anchor, Content creator and Editor in Media Industry | CACT AWBI & Member of PFA India, Peta India and PAL Foundation Mumbai.

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