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सरकारी स्कूल में बच्चे पी रहे फ्लोराइड युक्त पानी.. शिक्षक कर रहे मनमानी…

csnn24 की सरकारी स्कूलों में व्यवस्था को लेकर पोल खोलती हुई विशेष खबर...

Publish Date: July 9, 2024

EXCLUSIVE

(www.csnn24.com) रतलाम पूरे प्रदेश में नया शिक्षण सत्र शुरू हो गया है। और इस शिक्षण शास्त्र को बड़े जोर-शोर से शुरू किया गया प्रवेशोत्सव मनाया गया। बच्चों को फूल माला पहना कर स्वागत किया गया।  उत्तम शिक्षा के बड़े-बड़े दावे तो कहीं पर इंटरनेशनल अवार्ड भी लिए गए। परंतु जब csnn24  की टीम ग्राउंड रिपोर्ट लेने के लिए रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में स्थित दो स्कूलों का जायजा लेने पहुंची तो वहां पर बहुत ही दयनीय स्थिति और चौंकाने वाले लापरवाही से भरे मामले सामने आए।

पहला स्कूल है आकड़ीया खेड़ा  सैटेलाइट प्राथमिक स्कूल यहां मामला बिल्कुल उलट नजर आया। यह सैटेलाइट स्कूल पड़ोस के स्कूल के मांगे हुए भवन में चल रहा था। शिक्षक कमल दास बैरागी ने बताया कि कि इसका भवन तो बन गया है परंतु कहां बना पता नहीं कागजों पर जरूर चिन्हित है। अब बात करे यहां की अन्य सुविधाओं की बच्चों को यहां पर साफ पीने का पानी नहीं मिलता है यहां के शिक्षक बताते हैं कि एक हैंडपंप है उसका पानी बच्चे और गांव वाले पीने के लिए उपयोग में लाते हैं। परंतु यह पानी पीने योग्य नहीं है क्योंकि इसमें फ्लोराइड की मात्रा बहुत ज्यादा है ऐसा शिक्षकों का कहना है। इसके अलावा शिक्षा की अभी बताते हैं कि मध्यान भोजन कभी भी मेनू के हिसाब से यहां पर नहीं मिलता जो बनता है बच्चों को दे दिया जाता है।

.ऐसे हालात इसलिए है कि यहां पर निरीक्षण करने के लिए कोई नहीं आता। नल जल योजना की टंकी बन गई है प्याऊ का स्ट्रक्चर खड़ा है परंतु नल और जल का पूरा अभाव है। इसी स्कूल से सटा हुआ एक अन्य स्कूल भी है वहां पर जब जाकर व्यवस्था देखी तो पता लगा 5 में से दो शिक्षक नदारत है। पूछने पर पता चला कि एक शिक्षक तो सिक लीव लेकर गए हैं और उनके साथ एक मैडम भी गई है।ओर जब उनके साथियों ने उन्हें फोन पर सूचना दी तो वह तत्काल वापस आ गए। जिन शिक्षक ने बीमारी के लिए छुट्टी ली थी वह एप्लीकेशन तो थी परंतु रजिस्टर में कहीं दर्ज नहीं था कि वह आधे दिन की छुट्टी पर गए हैं। और जब वह यह सुनकर कि हमारी टीम वहां पर पहुंची है वापस आ गए और उनसे पूछा गया कि आप किस बीमारी का इलाज करने गए थे तो उन्होंने बताया कि पेट दर्द का इलाज कराने गया था डॉक्टर बहुत दूर है इसलिए वापस आ गया और लोकल स्तर पर इलाज करा लिया। जबकि सूत्रों की मानो तो आसपास दूर-दूर तक कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। इसकी सच्चाई जानने के लिए जब स्वराज एक्सप्रेस ने उनसे पूछा कि बताइए आप कौन सी गोली दवाई ले तो वह बगले झांकते हुए नजर आए। बोले दवाई स्कूल के अंदर रखी है जब उनसे बोला दिखाइए तो वह दवाई दिखा नहीं पाए। क्योंकि वह डॉक्टर के पास गए ही नहीं थे वह तो अन्य एक शिक्षिका के साथ स्कूल छोड़कर अपने घर के लिए रवाना हो गए थे। जब पूछा कि अन्य टीचर यहां से नदारत क्यों थी तो उनका कहना था कि वह उनको डॉक्टर के पास ले गई थी बड़ा ही हास्यास्पद जवाब था। क्योंकि इसमें सबसे बड़ी बात यह निकलकर सामने आई जो छुट्टी का आवेदन दिया गया था बीमारी के नाम पर वह मैडम ने दिया था जबकि दूसरी मैडम कह रही थी कि वह शिक्षक को दिखाने गई थीl

तो यह है हमारे स्कूल चले हम अभियान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की हकीकत नल जल योजना की हकीकत और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ की हकीकत।
अब बात करते हैं इसी क्षेत्र के एक दूसरे स्कूल की:- यह स्कूल है शासकीय प्राथमिक प्रोन्नत विद्यालय घुघड़
इस स्कूल में जब हमने जाकर देखा तो यहां पर दो शिक्षक पदस्थ हैं। एक ही कक्षा में पूरे प्राथमिक विद्यालय की कक्षाएं लगती है। मतलब बच्चे पहले से पांचवी तक का पाठ एक साथ पढ़ रहे हैं। गजब की शिक्षा व्यवस्था। जहां पर बच्चे यह कमाल करते हैं वह कमरा बारिश में टपक रहा है सीलन से भरा हुआ है। समीप में जो कमरा है उसे आंगनबाड़ी का सामान रखने के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। तथा इसके समीप एक और कमरा है जहां पर पूरी तरह से क्लास बनी हुई है उसे किचन बना दिया गया है। यहां के प्रभारी शिक्षक हमें उपस्थित मिले। बच्चों की छुट्टी कर दी गई थी। जब प्रभारी शिक्षक परे सिंह परिहार से पूछा गया कि दूसरे शिक्षक प्रहलाद प्रजापति कहां पर है तो उन्होंने बताया कि वह कार्य से संकुल गए हैं। किस कार्य से गए प्रभारी शिक्षक महोदय को पता नहीं था। जब उनसे पूछा गया की हाजिरी रजिस्टर कहां पर है तो उनके द्वारा स्पष्ट रूप से मना कर दिया गया कि मैं नहीं दिखाऊंगा मतलब साफ है कि दूसरे शिक्षक प्रहलाद परमार यहां से हमेशा अनुपस्थित रहते हैं। इसी दौरान इसी स्कूल के समीप रहने वाले युवराज गरवाल नामक युवक ने बताया कि दूसरे शिक्षक प्रहलाद प्रजापति यहां पर हमेशा समय पर नहीं आते आते भी हैं तो बाहर बैठकर मोबाइल चलाते हैं और कुछ समय पश्चात चले जाते हैं अक्सर यहां पर नदारत रहते हैं। इस दौरान प्रभारी शिक्षक इस व्यक्ति को बोलने से रोकते हुए नजर आए तथा बार-बार रोक-टोक करते रहे। मतलब साफ है कि यह स्कूल एक कमरे में एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है। और प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की पूरी तरह से पोल खोल रहा है। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि जो शिक्षक यहां से नदारत रहते हैं वह अपने भाई के नाम पर लाखों करोड़ों के ठेके सरकारी विभागों के लेते हैं इसी कारण वह इस स्कूल से नदारत अथवा अनुपस्थित रहते हैं। इस संदर्भ में जब ऐसी ट्राइबल श्रीमती रंजना सिंह को जब अवगत कराया गया तो उनके द्वारा कहा गया कि
स्कूल में यदि फ्लोराइड का पानी आ रहा है तो इसे जांच के लिए भेजा जाएगा। और जब उनसे दूसरे स्कूल के बारे में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि वह संकुल प्रभारी को निर्देशित कर रही हैं वह जांच कर कर जो भी रिपोर्ट सौंपेंगे उसके पश्चात कार्रवाई की जाएगी। ट्राााइबल ऐसी के द्वारा शिक्षक अनुपस्थित रहने के संदर्भ में नोटिस भी जारी किया गया है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इन दो स्कूलों ने पूरे क्षेत्र की शिक्षण की व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है तथा और अधिकारियों की कार्य शैली. निरीक्षण शैली, पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। क्योंकि यदि समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण होता रहे तो शायद कुछ हद तक समस्या हल भी हो सकती है या शिक्षकों के व्यवहार में सुधार भी आ सकता है। इस संदर्भ में दोनों स्कूलों के निरीक्षण के लिए अधिकृत जन शिक्षक अनंत शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने बोला कि मैं निरीक्षण पर नहीं जा पाया हूं एक नोटिस अवश्य आया है, निरीक्षण कर कर बता पाऊंगा तथा उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें फ्लोराइड वाले पानी की कोई जानकारी नहीं है।
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Amit Nigam

Founder Director Head of CSNN 24 & Bureau chief SWARAJ EXPRESS MP/CG since launching Madhya Pradesh, Three times ex Vice President of Ratlam Press Club. DPR Accreditation from MP.Government (Adhimanya Patrakar since 15 yrs).21 years of journalism experience...along with print media & electronic media.... 18 years experience in National & Regional news channels B.SC LLB. MEMBER OF RATLAM BAR COUNCIL

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