सप्ताह भर में दूसरी बार सुर्खियों में श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल…
पहले बच्चों को क्लास में नहीं बैठने दिया गया.. स्कूल बस से किया गया वंचित.. फीस जमा नहीं होने की सजा... अब बच्चे की शिक्षक ने कर दी पिटाई कसूर सिर्फ इतना सा की अपना ब्लेजर बस में भूल गया था...

(www.csnn24.com) रतलाम एक सप्ताह में दूसरी बार रतलाम का श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल सुर्खियों में है। इस बार एक छोटी सी गलती पर शिक्षक के द्वारा एक बच्चे को डंडे से पीट दिया गया। जिससे उसके पैर में चोट एवं सूजन आ गई। सूचना मिलने पर परिजन स्कूल पहुंचे तथा उन्होंने वहां पर जबरदस्त आक्रोश प्रकट किया एवं डायल 112 को भी बुलाया। इसके पश्चात प्रिंसिपल एवं शिक्षक के द्वारा माफी मांगने पर मामला शांत हुआ। तथा बच्चों के पैरंट्स ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई। स्कूल प्रशासन ने शिक्षक को सस्पेंड किया है। बच्चे की मात्र इतनी सी गलती थी कि वह अपना ब्लेजर स्कूल बस में भूल आया था। तथा उसे लेने गया था उसे लेकर जब वह वापस क्लास में पहुंचा तो टीचर के द्वारा उसे पीट दिया गया।
उल्लेखनीय है कि इस घटना के कुछ दिनों पहले ही यहां पर पेरेंट्स के द्वारा जमकर विरोध प्रकट किया गया था स्कूल के द्वारा ऐसे बच्चे जिन्होंने किसी कारणवश अपनी फीस नहीं भरी थी उन्हें क्लास में जाने से रोक दिया था। तथा बस संचालक को भी एक लिस्ट बनाकर सौंप दी थी कि इन बच्चों की फीस जमा नहीं हुई है इन्हें बस में नहीं बैठाता है। उस समय भी बच्चों को प्यासा रखने तक के आरोप लगे थे। तथा स्कूल प्रबंधन मीडिया से बात करने से छिपता रहा। बच्चे की पिटाई वाले मामले में भी वहां पर किसी ने भी फोन नहीं उठाया। अभिभावकों ने यह भी बताया था कि स्कूल में तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा कार्रवाई करने के पश्चात पाठ्यपुस्तक बस का किराया देने के पश्चात प्रदान की जाती है यदि पेरेंट्स वह नहीं देते हैं तो बच्चों को दो-दो महीने पुस्तक नहीं मिलती है। इसमें पेरेंट्स का यह भी कहना था कि बस के किराए में पुस्तकों की राशि भी जोड़ दी गई है। इस पूरे मामले में स्कूल की तरफ से सफाई दी गई थी कि समय पर फीस नहीं आने के कारण स्कूल में सैलरी बांटने में दिक्कत आती है तथा बच्चों को अवश्य क्लास के बाहर बिठाया गया था एवं बस संचालक प्राइवेट है। स्कूल ने उसे अनुबंध कर रखा है।
पूरे मामले में पैरंट्स ने लिखित में शिकायत दर्ज कराई है तथा जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा तीन सदस्य जांच कमेटी भी बनाई गई है।




