
(www.csnn24.com) रतलाम/बिहार हमारा देश अजब हीभी नहीं गजब भी है। आए दिन सरकारी विभागों में नए-नए मामले सामने आते रहते हैं ऐसा ही कुछ अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां पर पटना के मसौढ़ी में एक कुत्ते के नाम पर आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। सामने आने के बाद पटना के वरिष्ठ है प्रभारी हतप्रभ रह गए। सर्टिफिकेट में कुत्ते का नाम नाम डॉग बाबू लिखा है। पिता का नाम कुत्ता बाबू और मां का नाम कुतिया देवी लिखा है।

पटना के डीएम त्याग राजन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। मसौढ़ी अनुमंडल के अनुमंडलाधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा है।
इन्हें 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगी
जिलाधिकारी ने 24 घंटे के अंदर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगी । मसौढ़ी अनुमंडलाधिकारी के अनुसार किसी ने फर्जी तरीके से यह आवेदन दिया है मामले की जांच कर रहे हैं। विषय प्रमाण पत्र रिजेक्ट दिख रहा है।

पटना डीएम ने ने सोमवार को X पर बताया कि ‘मसौढ़ी अंचल में ‘डॉग बाबू’ के नाम से रेजिडेंशियल सर्टिफिकेट जारी हुआ है। मामला संज्ञान में आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया है।’
आवेदक, कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ जांच करने के बाद यथोचित कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि ‘आवेदक, कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रमाण पत्र जारी करने वाले पदाधिकारी के खिलाफ स्थानीय थाने में FIR दर्ज की जा रही है। DN ने यह भी बताया कि दोषी कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अधिकारी जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि यह प्रमाण पत्र 24 जुलाई 2025 को पटना के मसौढ़ी अंचल से आवासीय प्रमाण पत्र जारी किया गया है। इसमें यह लिखा गया है कि गया है कि ‘प्रमाणित किया जाता है कि डॉग बाबू (dog Babu), पिता- कुत्ता बाबू (Kutta babu),माता -कुटिया देवी( kutiya devi), ग्राम- काउली चक, वार्ड संख्या -15, डाकघर- मसौढ़ी, पिन कोड- 804452, थाना- मसौढ़ी, प्रखंड- मसौढ़ी, जिला -पटना, बिहार राज्य के स्थाई निवासी हैं।
प्रमाण पत्र संख्या की संख्या पर BRCCO/2025/15933581 अंकित है, तथा इस पर राजस्व अधिकारी मुरारी चौहान की डिजिटल सिग्नेचर भी प्रमाण पत्र पर मौजूद है।’
इस पूरे मामले में जिलाधिकारी के द्वारा विस्तृत जानकारी X हैंडल पर देते हुए बताया गया है कि दोषियी पर कार्रवाई की गई है:-
अंचल मसौढ़ी में ‘‘डॉग बाबू’’ के नाम से निवास प्रमाण-पत्र निर्गत करने का मामला संज्ञान में आते ही अनुमंडल पदाधिकारी, मसौढ़ी को जाँच रिपोर्ट समर्पित करने का निदेश दिया गया था। यह रिपोर्ट प्राप्त हो गया है। जाँच के क्रम में पाया गया कि दिल्ली की एक महिला का आधार कार्ड संलग्न करते हुए आवासीय प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन दिया गया था।
स्थानीय थाना में आवेदक, आईटी सहायक एवं प्रमाण-पत्र निर्गत करने वाले राजस्व अधिकारी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
राजस्व अधिकारी द्वारा गलत साक्ष्यों के आधार पर दिए गए आवेदन को बिना विस्तृत जाँच किए प्रमाण-पत्र निर्गत कर दिया गया था। राजस्व अधिकारी को निलंबित करने की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से की गई है।
आईटी सहायक द्वारा बिना सम्यक जाँच के आरओ लॉगिन पर आवेदन स्वीकृति हेतु अग्रसारित किया गया था। आईटी सहायक को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है।
नियम के विरूद्ध शपथ-पत्र देकर तथा किसी अन्य व्यक्ति के पहचान पत्र का दुरूपयोग कर गलत साक्ष्य के आधार पर निवास प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन देने वाले आवेदक के विरूद्ध पुलिस अनुसंधान की जा रही है। ऐसे प्रकरण का अंजाम देने वाले लोगों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उक्त निवास प्रमाण-पत्र को रद्द कर दिया गया है।
https://x.com/dm_patna/status/1949791720280870917?t=aG99wHEY017vueuN4KSmwA&s=19





