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धार्मिक

राम नवमी क्यों मनाई जाती है, जाने इसका महत्व

इस बार राम नवमी का पर्व 30 मार्च, गुरुवार को मनाया जाएगा

Publish Date: March 30, 2023

राम नवमी पर पुनर्वसु नक्षत्र में श्रीराम का जन्म हुआ था। श्रीराम के जन्म समय के दौरान ग्रहों की स्थिति बहुत शुभ थी। इस दिन पांच ग्रह – सूर्य, मंगल, बृहस्पति, शुक्र और शनि अपनी उच्च राशि में स्थित थे। इन ग्रहों के शुभ प्रभाव से त्रेता युग में राजा दशरथ के यहां भगवान विष्णु के अवतार यानी मर्यादा पुरुषोत्तम के रुप में ज्ञानी, तेजस्वी और पराक्रमी पुत्र का जन्म हुआ।इस बार राम नवमी का पर्व 30 मार्च, गुरुवार को मनाया जाएगा। ऐसे में हम आज आपको राम नवमी की व्रत कथा के बारे में बताएंगे। इस दिन सुबह 11.11 से दोपहर 1.40 तक श्रीराम की पूजा शुभ मुहूर्त है |

किसने किया श्रीराम का नामकरण

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम का अवतार त्रेता युग में हुअ था। अयोध्या के राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया और यज्ञ से प्राप्त खीर की। दशरथ ने अपनी प्रिय पत्नी कौशल्या को दे दिया। कौशल्या ने उसमें से आधा हिस्सा कैकेयी को दिया इसके बाद दोनों ने अपने हिस्से से आधा-आधा खीर तीसरी पत्नी सुमित्रा को दे दिया। इस खीर के सेवन से चैत्र शुक्ल नवमी को पुनर्वसु नक्षत्र एवं कर्क लग्न में माता कौशल्या की कोख से भगवान श्री राम का जन्म हुअा। इसी तरह कैकेयी से भरत तो सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया।

माता कौशल्या की कोख से नील वर्ण, तेजस्वी, परम कान्तिवान, अति सुंदर बालक ने जन्म लिया.रघुवंशियों के गुरु महर्षि वशिष्ठ इस सुंदर बालक का नाम रामचंद्र रखा गया| वशिष्ठ के अनुसार राम शब्द दो बीजाक्षरों अग्नि बीज और अमृत बीज से मिलकर बना है| इसके उच्चारण से शरीर और आत्मा को शक्ति मिलती है |राजा दशरथ के चारों पुत्र को वशिष्ट ऋषि ने नाम दिया था|

 राम नवमी की पूजा विधि

रामनवमी पर सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल चढ़ाया जाता है। इसके बाद पूरे दिन नियम और संयम के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम का व्रत किया जाता है। इसके साथ ही राम दरबार यानी भगवान श्रीराम के सहित लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की पूजा और आरती की जाती है। राम जन्मोत्सव की खुशी पर ब्राह्मणों और अन्य लोगों को भोजन करवाया जाता है और प्रसाद बांटते हैं। इस दिन रामचरित मानस का पाठ करवाया जाता है। मान्यता है कि राम नवमी के दिन उपवास रखने से सुख समृद्धि आती है और पाप और बुराइयों का नाश होता है। श्रीरामजी को केसर युक्त खीर और पूरे घर के भोजन के साथ कलाकंद  पसंद हैं।भगवान श्रीराम और माता सीता को सभी प्रकार के फूल पसंद हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार उन्हें कोई भी फूल अर्पित कर सकते हैं।

ये कथा पढ़ने से भगवान राम की मिलेगी कृपा

पौराणिक कथा अनुसार, भगवान राम, मां सीता और लक्ष्मण वनवास के दौरान जंगल में घूम रहे थे। कुछ देर बाद थकान महसूस करने पर भगवान राम ने थोड़ा विश्राम करने का विचार किया। विश्राम स्थल की तलाश के दौरान उन्हें एक बुढ़िया की कुटिया दिख गई। इस कुटिया में जब राम, सीता और लक्ष्मण पहुंचे तो देखा कि वह सूत कात रही थी। जैसे ही बुढ़िया ने देखा तो आवभगत में लग गई और विश्राम करने को कहा। इसके साथ ही भगवान राम, सीता और लक्ष्मण को भोजन करने का आग्रह किया। इस पर भगवान राम ने बुढ़िया से कहा-माई मेरा हंस भूखा है, पहले इसके लिए दो मोती दे दो। ताकि इसके बाद मैं मैं भी भोजन कर सकूं।
बुढ़िया के लिए काफी मुश्किल वक्त था क्योंकि उसके पास मोती नहीं थे। बुढ़िया दौड़ी-दौड़ी राजा के पास गई और उनसे उधार में मोती मांगे। चूंकि राजा यह जानता था कि बुढ़िया दो मोती वापस लौटाने में सक्षम नहीं है तो पहले इनकार किया। कई बार अनुरोध करने के बाद राजा ने बुढ़िया पर तरस खाकर मोती दे दिए। बुढ़िया ने हंस को मोती खिला दिया, जिसके बाद भगवान राम ने भी भोजन ग्रहण किया। भगवान प्रसन्न होकर बुढ़िया के आंगन में एक मोतियों का पेड़ लगा गए।
एक बार पेड़ से मिले मोती को बुढ़िया समेटकर राजा के पास ले गई। हैरान राजा ने पता किया कि आखिर बुढ़िया के पास इतने मोती कहां से आए। राजा को मालूम हुआ कि बुढ़िया के आंगन में पेड़ है, जिसके बाद राजा ने वह पेड़ ही अपने आंगन में मंगवा लिया। लेकिन राजा के आंगन में आते ही पेड़ पर कांटे उगने लगे। एक दिन उस पेड़ का एक कांटा रानी के पैर में चुभा गया। राजा परेशान होकर दोबारा वह पेड़ बुढ़िया के आंगन में लगवा दिया। प्रभु श्री राम की कृपा से पेड़ में फिर से मोती लगने लगें। अब जब पेड़ से मोती गिरता बुढ़िया उसे उठाकर प्रभु के प्रसाद के रूप में सभी को बांट देती थी।

 

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Sheemon Nigam

Chief Editor csnn24.com | BJMC +MJMC | Artist by Passion, Journalist by Profession | MD of Devanshe Enterprises, Video Editor of Youtube Channel @buaa_ka_kitchen and Founder of @the.saviour.swarm | Freelance Zoophilist, Naturalist & Social Worker. Podcastor and Blogger | Fresh Experience as Anchor, Content creator and Editor in Media Industry | CACT AWBI & Member of PFA India, Peta India and PAL Foundation Mumbai.

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