Rakhi 2025 : रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा नहीं राहुकाल का लगा है रोड़ा, जानें राखी बांधने का शुभ महूर्त !
श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को कई दुर्लभ योग के साथ रक्षाबंधन 2025 का पर्व मनाया जायेगा

www.csnn24.com| प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को सावन पूर्णिमा के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है।रक्षाबंधन पर्व इस साल 09 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी आयु, उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं। इसके साथ ही भाई अपनी बहन को उपहार देने के साथ रक्षा करना वचन देता है। ये पर्व देश के कोने-कोने में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल रक्षाबंधन पर करीब 100 साल बाद ऐसा हो रहा है जब भद्रा और पंचक का साया नहीं रहेगा। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
राहुकाल के समय न बांधें राखी
ज्योतिष में राहुकाल को अशुभ समय मानते हुए इस दौरान किसी भी शुभ कार्य का करने की मनाही है | देश की राजधानी दिल्ली के समयानुसार दिनांक 09 अगस्त 2025, शनिवार के दिन प्रात: काल 09:07 से लेकर 10:47 बजे तक राहुकाल रहेगा | ऐसे में बहनों को रक्षाबंधन वाले दिन 01 घण्टा 40 मिनट की इस अवधि में अपने भाईयों को राखी बांधने से बचना चाहिए | ज्योतिष के अनुसार रक्षाबंधन के दिन अभिजित मुहूर्त में भाई को राखी बांधना अत्यधिक शुभ रहेगा | रक्षाबंधन के दिन यह शुभ मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से लेकर 12:53 बजे तक रहेगा |
रक्षाबंधन पर 95 सालों के बाद बनेगा दुर्लभ संयोग
साल 2025 में 95 सालों के बाद दुर्लभ योग बना है। दरअसल 1930 में रक्षाबंधन 9 अगस्त को ही मनाया गया था और उस दिन भी शनिवार ही था साथ ही उस दिन भी सौभाग्य योग और श्रवण नक्षत्र था। ठीक ऐसी ही स्थिति 2025 में भी बनी हुई है। इसलिए ज्योतिषीय दृष्टि से इस दुर्लभ योग माना जा रहा है। इस दिन राखी बांधने के साथ ही विष्णु भगवान और महादेव की कृपा से बेहद शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
राखी बांधते समय सही दिशा
राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व दिशा और बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। राखी हमेशा भाई के दाहिने हाथ की कलाई में ही बांधनी चाहिए।
राखी बांधने की सही विधि
रक्षाबंधन के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त हों।हों स्वच्छ वस्त्र पहनें और सबसे पहले देवी-देवताओं की पूजा करके उन्हें भी रक्षा सूत्र अर्पित करें। शुभ मुहूर्त में चांदी, पीतल या किसी अन्य धातु की थाली में रोली, चावल, सिंदूर, मिठाई, राखी और दीपक सजा लें। पहले भगवान का ध्यान करें, फिर भाई को एक चौकी या ऊंचे स्थान पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठाएं और उसके सिर पर रूमाल या कपड़ा रख दें। इसके बाद बहन भाई के माथे पर रोली का तिलक लगाए, फिर अक्षत लगाकर हल्के से ऊपर छिड़के और आरती उतारे। मंत्रोच्चार करते हुए भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें और मिठाई खिलाएं। भाई भी बहन को मिठाई खिलाकर उसके चरण स्पर्श करे, उपहार स्वरूप धन या कोई अन्य वस्तु भेंट करे और उसके सुखी व समृद्ध जीवन की कामना करे।
राखी बांधते समय इस मंत्र का करें जाप
ॐ येन बद्धो बलि राजा दानवेन्द्रो महाबलः । तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥
रक्षाबंधन 2025 पर चौघड़िया मुहूर्त
- लाभ काल- प्रातः 10:15 से दोपहर 12:00 बजे
- अमृत काल-दोपहर 1:30 से 3:00 बजे
- चर काल- सायं 4:30 से 6:00 बजे
- सर्वार्थ सिद्धि योग- 9 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 23 मिनट तक
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 04 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
- सौभाग्य योग- सुबह 4 बजकर 8 मिनट से 10 अगस्त को तड़के 2 बजकर 15 मिनट तक
- श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि आरंभ- 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से
- श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि समाप्त- 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर
- क्षाबंधन 2025 तिथि- उदया तिथि के हिसाब से रक्षाबंधन 9 अगस्त 2025




