खबरों की खबर, हम खबर दिखाते हैं दबाते नहीं, खबरों के अंदर की खबर
खबरों का पोस्टमार्टम

(www.csnn24.com ) SHEEMON NIGAM (CHEIF EDITOR) खबरों की खबर में आज बात करते हैं कुछ खबरों की और लेते हैं उनकी खबर…
सबसे पहले प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान लाडली बहना योजना के अंतर्गत रतलाम आ रहे और उनके स्वागत के लिए तैयारी भी जोर शोर से शुरु हो गई है। पंजीयन में रतलाम जिले ने शायद रिकॉर्ड भी बनाया है। परंतु मामा जी की बहने अभी भी अपनी समग्र आईडी में विसंगतियों को लेकर हैरान परेशान हो रही है ,और उनकी लंबी-लंबी लाइनें धूप में समग्र आईडी में परिवर्तन कराने के लिए लग रही है। मामा जी समग्र आईडी में परिवर्तन करवाने के लिए भी एक विशेष कैंप वार्ड वार शुरू करवाइए तभी हम कह सकेंगे एक हजारों में हमारी बहना है।
अब बात करें नमूनों की एक अभियान चला था नमूने लेने का नमूने ले लिए नमूने भेज दिए नमूनों का क्या रिजल्ट आया ? अभी तक नहीं पता मतलब नमूने लो नमूने भेज दो और नमूनों का इंतजार करो नमूने लेने वाले जिम्मेदार को ही नहीं पता कि नमूने लेने के पश्चात क्या रिजल्ट आता , और उन पर क्या कार्रवाई करनी चाहिए बस नमूने नमूने खेलो। पता नहीं नमूने लेने वालों को किस का आशीर्वाद प्राप्त है?
एक और खबर बड़े जोर शोर से यातायात सिग्नल लगाए गए थे परंतु यह सिग्नल दुश्वारियां का कारण बन गए हैं , जब शुरू हुए तो वाही वाही और अब त्राहि-त्राहि हो रही है। सभी जानते हैं लेफ्ट राइट क्या होता है ! नियमों का पालन क्या होता है , देशभक्ति जनसेवा वाले खड़े तो रहते हैं परंतु वह लेफ्ट राइट में अक्षम नजर आते हैं।
मामा जी आ रहे हैं तो फिर ऐसे में उनकी अगवानी में कोई कोर कसर नहीं रहना चाहि। परंतु एक खिलाड़ियों के एकमात्र खेल मैदान की दीवार टूट गई । सोशल मीडिया पर बवाल मच गया ! परंतु जो टूट गया तो टूट गया ! जब मीडिया ने खबरें दिखाई तो हमारे शहर के कांग्रेस के मुखिया आनन-फानन में विरोध करने पहुंच गए ,जैसे ही पुलिस वाले पहुंचे सुर बदल गए इस दौरान सीटी बजाने वाले कांग्रेस नेता ने बोला हम छत पर खड़े कर कर कुछ भी विरोध कर देंगे। अरे बाप रे ! शहर कांग्रेस के मुखिया तो डर गए उन्होंने बोला नहीं हमें सम्मानजनक समय दिला दीजिए सुना है यह किसी भैया से डरते हैं।
अहाता यह एक ऐसा नाम है जिससे किसी को लगता है कि आश्रय मिलने वाला है । मदिरा सेवियो के लिए यह आश्रय तो बंद हो गया परंतु भक्ति करने वाले के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है ।जिले के ढाबों वालों की चांदी निकल आई है और जिले में मदिरा को कंट्रोल करने वाले मौके पर जाकर चौका मार रहे हैं। शायद इसमें भी पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ेगी क्योंकि ऑल इज वेल चल रहा है।
एक और खबर बार-बार निकल कर आती है साहब ने जावरा में बहुत बड़ी कार्रवाई कर दी अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ पर रतलाम में साहब पता नहीं क्यों इस विषय पर खामोश नजर आते हैं। क्या रतलाम में विशेष रुप से कॉलोनाइजर अवैध कालोनिया बनाते हैं? यह रतलाम की जनता का प्रश्न है?
बात करें , किसानों की जिन्हें अन्नदाता भी कहा जाता है कितना सर्वे हुआ कहां का हुआ इसका कोई लेखा-जोखा नहीं सामने आया ।फिलहाल तो मामाजी की योजना सर्वोपरि है लाडली बहना अब किसानों के बारे में क्या कहना। हमारा इंतजार है इस पर भी कोई प्रेस नोट जनसंपर्क जारी कर दे, सिर्फ इतना की रतलाम में कितना सर्वे हुआ कितने किसानों को मुआवजा मिलेगा लाभ मिलेगा अथवा नहीं।
जिले में चर्चा है कि आईपीएस आईएएस ट्रांसफर तो हो रहे हैं, परंतु रतलाम में ऐसे बहुत से पुलिस विभाग में थाना प्रभारी अधिकारी अंगद की तरह अपने पेर जमा बैठे हैं जिनका नियमों के अनुसार अभी तक स्थानांतरण हो जाना था, अब पता नहीं जनता का कहना है कि इनको इनका संरक्षण है। हालांकि जानकारी आ रही है कि चुनाव के पूर्व इनका जाना तय है परंतु कोई आका मोला इस पर रोक लगवा दे तो फिर तो यह मुकद्दर के सिकंदर हैं।
सुना है नगर सरकार ने रतलाम एक तरणताल बनवाया था। और उस तरणताल में गरीब लोग गर्मी के दिनों में खासकर मामाजी के बच्चे जल क्रीड़ा का आनंद लेते थे पूर्व समयावधि में यह तरणताल एक कार्यालय में तब्दील हो गया था ।वहां से बड़े बड़े फैसले होते थे ।अब तो गर्मी शुरू हो गई है परंतु तरणताल शुरू नहीं हुआ है, सुनने में आ रहा है कि प्राइवेट तरणताल वाले ₹250 चार्ज कर रहे हैं, ऐसे में गरीब बच्चों और मामा के भांजे-भांजियों का क्या होगा ? क्या उन्हें वाटर पार्क में जाना होगा ? और चलते चलते हैप्पी मैरिज गार्डन हैप्पी मैरिज हॉल और खरीदी बिक्री के मॉल। जहां पर पार्किंग व्यवस्था है बदहाल। और डीजे तो दे दना दन ! और फिर क्या कहना दे दना दनl और यदि कोई श्रीमान इन सभी जगह पर पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण कर कर सिर्फ प्रेस नोट जारी कर दे तो बहुत होगा…. क्योंकि यहां पर भी ऑल इज वेल है।





