स्मार्ट मीटर से छुटकारा…. 3 साल तक मध्य प्रदेश में अब नहीं लगेंगे स्मार्ट मीटर….
विद्युत नियामक आयोग ने तकनीकी खामियों एवं आम जनता के विरोध के बाद लिया फैसला....

(www.csnn24.com) मध्य प्रदेश में अब 3 साल तक के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता पर रोक लगा दी गई है। कैसे उपभोक्ता जिनके यहां स्मार्ट मीटर नहीं लगा था अब वहां पर स्मार्ट मीटर नहीं लगेंगे यह उनके लिए राहत भरी खबर है। हालांकि ऐसे उपभोक्ता जिनके घरों में स्मार्ट मीटर लगा चुका है उसके संदर्भ में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि उपभोक्ता उसके स्थान पर पुणे पुराना स्मार्ट मीटर लगवा सकता है अथवा नहीं। विद्युत नियामक आयोग ने स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता में परिवर्तन करते हुए निर्णय लिया है कि 31 मार्च 2028 तक स्मार्ट मीटर लगाना अब अनिवार्य नहीं है इसे स्थगित कर दिया गया है। इसका कारण लगातार तकनीकी खामियों की शिकायत तथा उपभोक्ताओं का विरोध बताया जा रहा है। उल्लेखनीय की भोपाल सहित पूरे मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर का लगातार विरोध हो रहा था। इसी प्रकार का विरोध पूरे देश में भी देखने में सामने आ रहा है।
करणी सेवा परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने इसे आम जनता और संघर्ष की जीत बताते हुए कहा है कि अभी उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ है जब तक स्मार्ट मीटर पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध नहीं लग जाता तब तक उनका आंदोलन और संघर्ष आम जनता के हित में जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जब आम जनता की समस्याओं को लेकर आंदोलन किए जाते हैं तो उनके परिणाम भी सार्थक सामने आते हैं। उल्लेखनीय है कि जीवन सिंह शेरपुर लगातार जावरा एवं रतलाम क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर आंदोलन कर रहे थे उनका कहना था कि इससे उपभोक्ताओं की जीएफ पर भारी भार पड़ रहा है तथा इन मेट्रो में तकनीकी खामियों के कारण कई गुना भी उपभोक्ताओं को भरना पड़ रहा है। अब ऐसे उपभोक्ता जिनके यहां स्मार्ट मीटर लगा चुका है वह इंतजार कर रहे हैं कि शायद उनके लिए भी कोई सुखद खबर सामने आए।




