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रतलाम/भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश के सभी नगर पालिक निगम के महापौर के साथ-साथ संभागायुक्त, कलेक्टर और कमिश्नर नगर निगम के साथ बैठक लेकर नागरिकों को साफ़ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के नगरीय निकायों का अमला जनता की सेहत के प्रति सजग और सतर्क रहे। इंदौर में हुई घटना की किसी अन्य जगह पुनरावृत्ति नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के तालमेल में कमी नहीं होना चाहिए। पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में प्रशासनिक अधिकारी फोन या अन्य माध्यम से शिकायत की सूचना मिलने पर तत्काल कदम उठाएं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों को साफ़ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दिशा निर्देश जारी कर बैठक में जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिशा-निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
नागरिकों को साफ़ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जारी दिशा निर्देश के प्रमुख बिंदु
सघन आबादी अथवा 20 वर्ष से अधिक पुरानी पाईपलाईन का चिन्हांकन।
- पुराने एवं बार-बार लीकेज होने वाली पाईपलाईन,नालियों/सीवर पाईपलाईन के समीप अथवा नीचे से गुजरने वाली पाईपलाईनों का चिन्हांकन।
- चिन्हांकन में पाये गये रिसाव का48घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित।
- जल शोधन संयंत्र (WTP)तथा उच्च स्तरीय टंकियॉं (OHT’s)/ Sump Tanksकी साफ-सफाई का 07 दिवस के अंदर निरीक्षण।
- सभी जल शोधन संयंत्रों (WTP’s),प्रमुख जल स्त्रोतों तथा उच्च स्तरीय टंकियों (OHT’s)/ Sump Tanks पर तत्काल जल नमूना परीक्षण।
- प्रदूषण पाए जाने पर तत्काल जल आपूर्ति रोकी जाये एवं वैकल्पिक सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाये
- Chlorination systemकी24×7निगरानी की जाये।
- सभी नगरीय निकायों मेंPipeline Leakage Detection के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाये।
- जल आपूर्ति से संबंधित प्राप्त शिकायतों को Emergency Categoryमें रखा जाये।
- लीकेज/दूषित जल शिकायतों का24 से 48 घंटों के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाये।
- सी.एम. हेल्पलाईन में गंदा/दूषित पेयजल तथा सीवेज से संबंधित प्राप्त शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये।





