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सनातनी विनोद बिंदल की पहल पर श्री हनुमान बालाजी मंदिर में 61वां रक्तदान शिविर, पूरे किए 25 वर्ष

Publish Date: February 10, 2026

नई दिल्ली, विवेक विहार 08 फरवरी 2026 : श्री हनुमान बालाजी मंदिर, विवेक विहार में रविवार को 61वां रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। यह रक्तदान अभियान वर्ष 2001 में प्रारंभ किया गया था। शुरुआती वर्षों में एक या दो शिविर आयोजित किए जाते थे, जबकि अब यह अभियान नियमित रूप से निरंतर आगे बढ़ रहा है।

श्री हनुमान बालाजी मंदिर ( Shri Hanuman Balaji Charitable Diagnostic Centre ) के संस्थापक अध्यक्ष ‘सनातनी विनोद बिंदल’ के अनुसार, कार्यक्रम के प्रारंभिक वर्षों में पहले शिविर में लगभग 90 यूनिट रक्तदान हुआ था। समय के साथ लोगों की सहभागिता बढ़ती गई और वर्तमान में प्रत्येक शिविर में औसतन 200 से 300 यूनिट रक्तदान किया जा रहा है। आज आयोजित 61वें शिविर में लगभग 350 लोग रक्तदान के लिए पहुंचे, जिनमें से करीब 275 लोगों का रक्त दिल्ली स्थित जीटीबी हॉस्पिटल की टीम द्वारा लिया गया। लगभग 75 लोगों का रक्तदान नहीं हो सका, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं, जिनका हीमोग्लोबिन स्तर कम पाया गया।

‘सनातनी विनोद बिंदल’ ने बताया कि वर्ष 2001 में जब मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, तभी यह विचार आया कि भगवान की सेवा के साथ-साथ मानव सेवा भी आवश्यक है। रक्त ऐसा जीवनदायी तत्व है, जिसे कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता और इसकी पूर्ति केवल रक्तदान से ही संभव है। इसी भावना के साथ मंदिर परिसर में रक्तदान शिविर लगाने की परंपरा शुरू की गई।

‘सनातनी विनोद बिंदल’ ने कहा कि रक्तदान करने से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। एक बार में लगभग 300 एमएल रक्त लिया जाता है, जिसकी भरपाई शरीर 24 घंटे में कर लेता है। रक्तदान से नया रक्त बनता है, रक्त में थक्का जमने की संभावना कम होती है, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है तथा हार्ट अटैक का खतरा भी घटता है।

‘सनातनी विनोद बिंदल’ ने बताया कि मंदिर में होने वाला रक्तदान पूरी तरह स्वैच्छिक होता है। भक्तजन परिवार सहित आते हैं और पूरा वातावरण उत्सव जैसा रहता है। छोटे बच्चे भी उत्साह के साथ कार्यक्रम में शामिल होते हैं, जिससे उन्हें भविष्य में रक्तदान के लिए प्रेरणा मिलती है। एक व्यक्ति वर्ष में चार बार तक रक्तदान कर सकता है और ऐसा करना समाज के लिए लाभकारी है।

‘सनातनी विनोद बिंदल’ ने स्पष्ट किया कि मंदिर प्रबंधन केवल रक्तदान की सुविधा उपलब्ध कराता है। रक्त संग्रह, परीक्षण और वितरण का कार्य लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंक द्वारा किया जाता है, इस बार दिल्ली स्थित जीटीबी हॉस्पिटल की टीम द्वारा आयोजन किया गया था । रक्तदान करने वालों को आवश्यकता पड़ने पर कभी भी रक्त उपलब्ध कराने के लिए डोनर कार्ड की सुविधा दी जाती है।

‘सनातनी विनोद बिंदल’ के अनुसार, एक यूनिट रक्त से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा सहित कई घटक तैयार किए जाते हैं, जिनका उपयोग मरीजों की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न अस्पतालों में किया जाता है। इस प्रकार यह रक्तदान शिविर न केवल सेवा का माध्यम है, बल्कि समाज के लिए जीवनरक्षक योगदान भी है।

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