अवैधानिक पैथोलॉजी लैब एवं नीम हकीम झोलाछापों तथाकथित डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई… सीनियर जीडी हेल्थ का आकस्मिक निरीक्षण लिस्ट तैयार एक फर्जी झोलाछाप का क्लीनिक सील…
CMHO के पास लगभग 50 से अधिक लोगों की लिस्ट जानकारी सूत्रों से....

(csnn24.news) रतलाम काफी लंबे अरसे के बाद आज रतलाम में तथाकथित झोला छाप नीम हकीम डॉक्टरों करवाई हुई है। और यह कार्रवाई भी उसे समय हुई जब सीनियर जॉइंट डायरेक्टर हेल्थ रतलाम स्वयं रतलाम आए तथा उन्होंने अपनी देखरेख में निरीक्षण किया ।
संपूर्ण रतलाम जिले में अवैध रूप से डॉक्टरी का धंधा करने वाले नीम हकीम तथाकथित झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ यदा कदा कार्रवाई होती रहती है। वह भी उस समय जब कोई व्यक्ति शिकायत करता है। आज रतलाम में सीनियर जॉइंट हेल्थ डायरेक्टर एम.पी जोशी रतलाम में आए तथा उनके निर्देशन में समुचित कार्रवाई की गई। इस दौरान धान मंडी क्षेत्र में एक क्लीनिक डॉक्टर हरिओम तिवारी के हरिओम मेडिकल हॉल के नाम पर जो झोलाछाप नीम हकीम क्लीनिक चला रहा था. उसके पास होम्योपैथिक मेडिसिन में इलाज करने की डिग्री थी। इस तथाकथित छोटे-मोटे नर्सिंग होम डॉक्टर हरिओम मेडिकल हॉल क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की गई ।
इस क्लीनिक पर बकायदा एक नर्सिंग होम जैसा माहौल मिला तथा वहां पर कुछ बिस्तर भी लगे हुए थे एवं पेशेंट भी भर्ती थे इसके अलावा वहां से एलोपैथिक दवाइयां भी जप्त की गई। और इन एलोपैथिक दवाइयां के संदर्भ में इलाज करने का कोई वैधानिक सर्टिफिकेट अथवा पंजीयन नहीं मिला। अन्य क्लीनिक पर पहुंचने के पहले ही वहां के नीम हकीम डॉक्टर जो अपने को आरएमपी बोलते हैं क्लीनिक बंद कर कर भाग गए। सूत्रों के मुताबिक उनको सूचना मिल चुकी थी कि ऐसी कार्रवाई होने जा रही है। डॉक्टर जोशी ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही थी उसके संदर्भ में यह कार्रवाई की गई है तथा तथा एक लंबी लिस्ट तैयार की गई है जिसमें पैथोलॉजी लैब तथा अन्य झोलाछाप नीम हकीम जो इलाज के नाम पर अथवा अपने को डॉक्टर बता कर इलाज करते हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। रतलाम की मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी को पूरी लिस्ट बनाकर सौपी गई है उसके आधार पर वह कार्रवाई करेंगी। अब देखना है कि रतलाम जिला का स्वास्थ्य विभाग इसमें क्या कार्रवाई करता है अथवा मामला फिर लंबित हो जाता है । रतलाम ही नहीं संपूर्ण जिले में इस प्रकार के तथा तथाकथित अपने को डॉक्टर खाने वाले झोलाछाप मनमर्जी से क्लीनिक चला रहे हैं इसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी बंगाली डॉक्टरों की है। और सूत्र यह भी बताते हैं कि इन डॉक्टरों को कुछ तथाकथित पत्रकारों एवं सत्ता से जुड़े नेताओं का आशीर्वाद प्राप्त है जिसके चलते यह बेख़ौफ़ यह धंधा कर रहे हैं। जब कभी इन डॉक्टरों के द्वारा इलाज के दौरान कुछ गड़बड़ी अथवा निर्दोष लोगों की मृत्यु हो जाती है तो कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है। उसके कुछ दिन बाद यह तथाकथित पुनः अपना क्लीनिक खोलकर बैठ जाते हैं। और फिर शुरू कर देते हैं मौत का खेल।संपूर्ण रतलाम जिले में अवैध रूप से डॉक्टरी का धंधा करने वाले नीम हकीम झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ यदा कदा कार्रवाई होती रहती है। वह भी उस समय जब कोई व्यक्ति शिकायत करता है। आज रतलाम में जॉइंट हेल्थ डायरेक्टर एम.पी जोशी रतलाम में आए तथा उनके निर्देशन में समुचित कार्रवाई की गई। इस दौरान धान मंडी क्षेत्र में एक क्लीनिक डॉक्टर हरिओम तिवारी के नाम पर जो झोलाछाप नीम हकीम चला रहा था। उसे सील करने की कार्रवाई की गई । अन्य क्लीनिक पर पहुंचने के पहले ही वहां के नीम हकीम डॉक्टर जो अपने को आरएमपी बोलते हैं क्लीनिक बंद कर कर भाग गए। सूत्रों के मुताबिक उनको सूचना मिल चुकी थी कि ऐसी कार्रवाई होने जा रही है। डॉक्टर जोशी ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही थी उसके संदर्भ में यह कार्रवाई की गई है तथा एक लंबी लिस्ट तैयार करके उसके संदर्भ में यह कार्रवाई की गई है।जो लंबी लिस्ट तैयार की गई है जिसमें पैथोलॉजी लैब तथा अन्य झोलाछाप नीम हकीम जो इलाज के नाम पर अथवा अपने को डॉक्टर बता कर इलाज करने हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। रतलाम की मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी को पूरी लिस्ट बनाकर सोई गई है उसके आधार पर वह कार्रवाई करेंगी।
धानमंडी स्थित डॉ राजेंद्र तिवारी के राज क्लीनिक, डी. सी. राठौड़ के राठौड़ के राठौर क्लिनिक क्लीनिक, त्रिपोलिया गेट स्थित शुभम पाटीदार के पाटीदार क्लीनिक पर भी टीम ने दबिश दी। सभी जगह अस्पता चंलाकन और उपचार हेतु वैधानिक डिग्री व अन्य दस्तावेज नहीं मिले। सभी जगह बिना अनुमति एलोपैथी की दवाइयों का उपयोग किया जाना पाया गया जिन्हें जब्त कर लिया गया है। इन सभी पर FIR की अनुशंसा की जा रही है।





