फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र हॉस्पिटल में भर्ती हालत नाजुक परंतु स्थिर….
सलमान खान शाहरुख खान सेहत जानने पहुंचे...

(www.csnn24.com) बॉलीवुड के ही मेन तथा सुपरमैन धर्मेंद्र की तबीयत विगत कुछ दिनों से खराब चल रही है। वह ब्रिज कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं। कल धर्मेंद्र की तबीयत ज्यादा बिगड़ने की सूचना सामने आई थी तथा बताया जा रहा था कि उन्हें आईसीयू एवं वेंटिलेटर पर रखा गया है। परिवार ने इसका खंडन करते हुए बताया है कि अभी उनकी हालत स्थिर है तथा वेंटिलेटर पर नहीं है उनकी द्वितीय पत्नी हेमा मालिनी ने उनके सभी फैंस से प्रार्थना करने की अपील करी है तथा उनके कहीं फैंस उनकी तस्वीर के सामने पूजा पाठ हवन कर रहे हैं। धर्मेंद्र की उम्र 89 ईयर है कुछ ही महीना के पश्चात वह 90 साल के होने वाले हैं। अभी भी वह प्रकृति से जुड़े हुए हैं तथा अपना अधिकांश समय लोनावाला स्थित फार्म हाउस पर गुजारते रहे हैं। कुछ महीनो में उनकी एक फिल्म भी रिलीज होने वाली है जिसमें उनका अभिनय काफी दमदार है।
फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र की सेहत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स और धर्मेंद्र की टीम के मुताबिक, वे वेंटिलेटर पर नहीं हैं, लेकिन उनकी तबीयत की गंभीरता को लेकर कई अफवाहें फ़ैलती रही हैं। परिवार ने अपील की है कि उनकी प्राइवेसी का सम्मान किया जाए और झूठी खबरें न फैलाएं।धर्मेंद्र की बीमारी और अस्पताल में भर्तीधर्मेंद्र की उम्र 89 साल है और उम्र संबंधी दिक्कतों की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।एक सप्ताह से ज्यादा वक्त से वे अस्पताल में हैं, पहले सांस लेने में तकलीफ की वजह से भर्ती किया गया था।उनकी हालत को लेकर पहले वेंटिलेटर पर होने की खबरें फैलीं, लेकिन धर्मेंद्र की टीम तथा सनी देओल एवं परिवार के करीबी सदस्यों ने इसे खारिज कर दिया।परिवार और फैंस पत्नी हेमा मालिनी, बेटे सनी देओल और अन्य सदस्य लगातार उनसे मिलने अस्पताल पहुंच रहे हैं।बॉलीवुड के कई सितारे जैसे सलमान खान, शाहरुख खान भी उनका हालचाल जानने पहुंचे।फैंस सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।वर्तमान स्थिति में धर्मेंद्र की हालत “स्थिर” है और जैसे ही नए अपडेट्स उपलब्ध होंगे, परिवार की ओर से बयान जारी किया जाएगा।परिवार ने उनकी जल्दी रिकवरी की प्रार्थना करने और अफवाहें न फैलाने का अनुरोध किया है।धर्मेंद्र अस्पताल में हैं, लेकिन वेंटिलेटर सपोर्ट जैसी कोई गंभीर स्थिति नहीं है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और सफल अभिनेता, निर्माता और राजनीतिज्ञ माने जाते हैं। उनका जीवन संघर्ष, मेहनत और सफलता की मिसाल है। उनका जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना जिले के साहनेवाल गांव में हुआ था।प्रारंभिक जीवनधर्मेंद्र का पूरा नाम धरम सिंह देओल है।उनका जन्म एक जाट सिख परिवार में हुआ था; पिता किशन सिंह देओल स्कूल में प्रधानाचार्य थे।पढ़ाई लुधियाना और फगवाड़ा में पूरी की, लेकिन फिल्मों का शौक बचपन से था।रेलवे में क्लर्क और ड्रिलिंग फर्म में भी नौकरी की।फिल्मों में प्रवेश1960 में ‘दिल भी तेरा, हम भी तेरे’ से डेब्यू किया, शुरुआती सफलताएं मिलना मुश्किल रहा।1966 की फिल्म ‘फूल और पत्थर’ ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया।तीन दशकों तक रोमांटिक, ट्रैजेडी, एक्शन और हास्य किरदारों की विविधता में अभिनय किया।प्रमुख फिल्मेंशोले (1975), चुपके चुपके, सत्यकाम, मझली दीदी, अनुपमा, बंदिनी, धरम वीर, धर्म-करम आदि।लगभग 300 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है, बॉलीवुड ने उन्हें “ही-मैन” की उपाधि दी।पुरस्कार एवं सम्मान1997: फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड।2012: भारत सरकार ने पद्म भूषण (तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) से नवाजा।राजनीति और अन्य कार्य2004-2009: बीकानेर (राजस्थान) से लोकसभा के सदस्य, बीजेपी सांसद रहे।विजयता फिल्म्स के नाम से प्रोडक्शन हाउस चलाते हैं, जिससे सनी देओल और बॉबी देओल की लॉन्चिंग हुई।टीवी शो “इंडियाज़ गॉट टैलेंट” में भी जज रहे।निजी जीवनपहली शादी प्रकाश कौर से, दूसरी शादी अभिनेत्री हेमा मालिनी से की।चार संतानें: सनी देओल, बॉबी देओल, ईशा देओल और अहाना देओल है।धर्मेंद्र का जीवन कड़ी मेहनत, संघर्ष और बहुमुखी प्रतिभा की मिसाल है और वे आज भी लाखों प्रशंसकों के दिलों में बसते हैं।
धर्मेंद्र बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और प्रमुख अभिनेताओं में से एक हैं। उन्होंने 1960 के दशक से लेकर अब तक सैकड़ों हिंदी फिल्मों में काम किया है
धर्मेंद्र की प्रमुख फिल्मों की सूचीशोल़े (1975)चुपके चुपके (1975)धरम वीर (1977)सीता और गीता (1972)मेरा गाँव मेरा देश (1971)दोस्त (1974)ग़ुलामी (1985)प्रतिज्ञा (1975)जुग़नू (1973)यादों की बारात (1973)हकीकत (1964)फूल और पत्थर (1966)अनुपमा (1966)आयी मिलन की बेला (1964)बंदिनी (1963)रज़िया सुल्तान (1983)द बर्निंग ट्रेन (1980)राम बलराम (1980)लोहा (1987)हुकूमत (1987)फरिश्ते (1991)अपना (2007)यमला पगला दीवाना
धर्मेंद्र की वर्तमान में आने वाली प्रमुख फिल्म “इक्कीस” है, जो एक वॉर ड्रामा फिल्म है और इसे श्रीराम राघवन ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म में धर्मेंद्र के साथ अगस्त्य नंदा भी मुख्य भूमिका में हैं। “इक्कीस” फिल्म 25 दिसंबर, 2025 को रिलीज़ होने वाली है। इसके अलावा, धर्मेंद्र “अपने 2” (जिसमें वह अपने बेटों सनी और बॉबी देओल के साथ नजर आएंगे) और “मैंने प्यार किया फिर से” में भी दिखाई देंगे, हालांकि “मैंने प्यार किया फिर से” की रिलीज़ तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। धर्मेंद्र की ये तीन प्रमुख अपकमिंग फिल्में हैं जिनका इंतजार दर्शकों को है
धर्मेंद्र के बिजनेस और प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी इस प्रकार है:धर्मेंद्र ने फिल्मों के अलावा कई बिजनेस में भी निवेश किया है। उन्होंने गरम धरम ढाबा नाम से एक रेस्टोरेंट चेन की शुरुआत की है, जो उनके फैन्स के बीच काफी लोकप्रिय है। साथ ही, उन्होंने करनाल हाइवे पर ‘हीमैन’ नाम से एक और रेस्टोरेंट खोला है। इसके अलावा, उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस विजयता फिल्म्स की स्थापना की, जिसने उनके बेटों और पोते की कई फिल्मों का निर्माण किया है।धर्मेंद्र के पास लोनावला में करीब 100 एकड़ में फैला एक बड़ा और आलीशान फार्महाउस है, जिसमें स्विमिंग पूल और एक्वा थेरेपी जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में उनकी करीब 17 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी भी है, जिसमें कृषि और गैर-कृषि भूमि शामिल है। उन्होंने इस फार्महाउस के पास 12 एकड़ के भूखंड पर 30 कॉटेज वाला रिसॉर्ट बनाने की योजना भी बनाई है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धर्मेंद्र की कुल नेटवर्थ लगभग 335 करोड़ से लेकर 480 करोड़ रुपये के बीच आंकी जाती है। उनके पास कई महंगी लग्जरी कारें भी हैं। कुल मिलाकर, धर्मेंद्र फिल्मों के साथ-साथ रेस्टोरेंट बिजनेस, प्रोडक्शन हाउस, प्रॉपर्टी निवेश और फार्महाउस में भी सक्रिय हैं।संक्षेप में, धर्मेंद्र का बिजनेस मुख्यतः रेस्टोरेंट चेन, प्रोडक्शन हाउस और प्रॉपर्टी में है, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में है। उनकी कुल संपत्ति करोड़ों रुपये में है और उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी कमाई की है।
धर्मेंद्र के परिवार में कुल 6 बच्चे हैं और वे दो शादियां कर चुके हैं। उनकी पहली शादी प्रकाश कौर से हुई थी, जिनसे उनके चार बच्चे हैं: दो बेटे सनी देओल (अजय सिंह देओल) और बॉबी देओल (विजय सिंह देओल), और दो बेटियां विजेता देओल और अजीता देओल। उनकी दूसरी शादी मशहूर अभिनेत्री हेमा मालिनी से हुई, जिनसे उन्हें दो बेटियां ईशा देओल और अहाना देओल हैं।धर्मेंद्र के परिवार में उनके 13 नाती-पोत भी शामिल हैं। सनी देओल की शादी पूजा से हुई है और उनके दो बेटे हैं: करण देओल और राजवीर देओल। बॉबी देओल की शादी तान्या देओल से हुई है और उनके भी दो बेटे हैं: आर्यमान और धरम। अजीता देओल की शादी किरण चौधरी से हुई है और उनके दो बेटियां हैं। विजेता देओल की शादी विवेक गिल से हुई है और उनके दो बच्चे हैं। ईशा देओल की शादी भरत तख्तानी से हुई थी, जिनसे वह तलाकशुदा हैं, और उनकी दो बेटियां हैं। अहाना देओल की शादी वैभव कुमार से हुई है और उनके दो बच्चे हैं।इस प्रकार, धर्मेंद्र का परिवार बड़ा और विस्तृत है, जिसमें दो पत्नियां, छह बच्चे, और तेरह नाती-पोत शामिल हैं। उनके परिवार के कई सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं, खासकर बॉलीवुड में।
धर्मेंद्र ने फिल्मों में प्रवेश के लिए काफी संघर्ष किया। शुरुआत में उन्होंने फिल्मफेयर मैगजीन के टैलेंट हंट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और जीतकर फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, लेकिन वहां काम पाना आसान नहीं था। वे कई स्टूडियो से भटकते और संघर्ष करते रहे, भूखे पेट चने और ईसबगोल खाकर गुजारा किया। उनकी पहली फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ (1960) थी, जो बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और उन्हें केवल 51 रुपए मिल सके, जो भी उनके लिए बड़ी रकम थी। इस असफलता से वे निराश हो गए और घर लौटने का भी मन बनाया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और संघर्ष जारी रखा।उनके संघर्ष के दिनों में कई निर्माता उनसे कहते कि उन्हें अपने गांव लौट जाना चाहिए, लेकिन धर्मेंद्र ने अपने सपने नहीं छोड़े। उन्होंने ‘अनपढ़’, ‘पूजा के फूल’, ‘बंदिनी’ जैसी फिल्मों में काम किया जो दर्शकों को पसंद आईं, लेकिन उन्हें तुरंत सफलता नहीं मिली। 1973 में उन्होंने एक साल में 9 हिट फिल्में दीं, जिससे उनका नाम सफलता की गारंटी बन गया। बाद में ‘शोले’ जैसी फिल्मों से उन्हें भारी लोकप्रियता मिली और वे बॉलीवुड के “ही-मान” बने। उनके करियर की यह सफलता कड़ी मेहनत, जोखिम उठाने और दृढ़ संकल्प का परिणाम थी।संक्षेप में, धर्मेंद्र का संघर्ष कई सालों तक भूख-प्यास, असफलताओं और तिरस्कार सहने का था, लेकिन अपनी मेहनत और जुनून से उन्होंने बॉलीवुड में स्थायी जगह बनाई और सुपरस्टार बने।
धर्मेंद्र के फिल्मों में पहले संघर्ष और कैसे सफल हुए
धर्मेंद्र के फिल्मों में पहले संघर्ष और उनकी सफलता का सफर बहुत प्रेरणादायक है।
धर्मेंद्र पंजाबी के गांव से बॉलीवुड की चमक-दमक भरी दुनिया में आने का सपना लेकर मुंबई आए थे। शुरुआत के समय उन्हें फिल्मों में काम मिलना बहुत मुश्किल था। उनका लंबा कद और मसल्ड शरीर देखकर कई लोग उन्हें एक्टर नहीं बल्कि बॉक्सर बनने की सलाह देते थे। धर्मेंद्र ने हार नहीं मानी और मुंबई में अपनी रोजी-रोटी के लिए गैरेज में काम किया, वहीं सोते भी थे। वह ड्रिलिंग फर्म में भी काम किया करते थे और कभी-कभी ओवरटाइम भी कर के पैसे जुटाते थे। उनके पास रहने के लिए घर नहीं था, और आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि कई बार भूखे रहने तक की नौबत आ जाती थी।
उनका पहला बड़ा मोड़ तब आया जब निर्देशक अर्जुन हिंगोरानी ने उन्हें वर्ष 1960 में फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ में मुख्य भूमिका दी। इस फिल्म के लिए उन्हें सिर्फ 51 रुपये की फीस मिली थी, जो उनके संघर्ष की एक मिसाल है। इस फिल्म के बाद से धर्मेंद्र के लिए सफल फिल्मों के दरवाजे खुलने लगे। उन्होंने 1960-70 के दशक में ‘अनपढ़’, ‘बंदिनी’, ‘फूल और पत्थर’, ‘शोले’, ‘धर्मवीर’, ‘सीता और गीता’ जैसी कई सफल फिल्में दीं।
धर्मेंद्र को हिंदी सिनेमा में “ही-मैन” का उपनाम मिला क्योंकि वे अपने एक्शन सीन खुद करते थे, बिना डुप्लीकेट के। उन्होंने फिल्मी करियर में रोमांस, एक्शन, कॉमेडी आदि कई रंगों में अपने अभिनय से छाप छोड़ी। उन्होंने 65 वर्षों में लगभग 300 फिल्मों में काम किया और फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड समेत भारत सरकार का पद्म भूषण सम्मान भी प्राप्त किया।
इस तरह धर्मेंद्र ने कड़ी मेहनत, संघर्ष और अपनी लगन से सफलता हासिल की, और बॉलीवुड के महानायक बन गए। उनकी कहानी संघर्ष से सफलता तक पहुंचाने की प्रेरणादायक कहानी है।
धर्मेंद्र सबसे बड़े सुपरस्टार दिलीप कुमार के बड़े फैन थे। उन्होंने दिलीप कुमार को अपना गुरु माना और उनसे अभिनय के साथ-साथ व्यवहार और जीवन की कई सीखें लीं। दिलीप कुमार के साथ धर्मेंद्र की दोस्ती तब शुरू हुई जब धर्मेंद्र मुंबई आए और एक टैलेंट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दिलीप कुमार ने धर्मेंद्र को एक बड़े भाई की तरह अपनाया, गर्मी के मौसम में कपड़े दिए और उनसे बिना अपॉइंटमेंट मिलने लगे। इस दोस्ती का असर धर्मेंद्र के जीवन और करियर पर गहरा रहा।धर्मेंद्र फिल्मों में आने के लिए प्रेरित हुए क्योंकि वे बचपन से ही एक्ट्रेस सुरैया के बड़े फैन थे। उनका दिल फिल्मों के प्रति आकर्षित था और उन्होंने फिल्मफेयर के “न्यू टैलेंट” प्रतियोगिता में भाग लेकर विजेता बनकर मुंबई में फिल्म करियर की शुरुआत की। उनकी पहली फिल्म “दिल भी तेरा हम भी तेरे” (1960) थी जिसने उन्हें पहचान दिलाई।धर्मेंद्र के कई प्रमुख दोस्त रहे जो उनके फिल्मी सफर में सहारा बने। उनमें मनोज कुमार, शत्रुघ्न सिन्हा, अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, फिरोज खान जैसे नाम शामिल हैं। खासतौर पर मनोज कुमार उनके मुंबई में सबसे पुराने और पक्के दोस्त माने जाते हैं। वे दिलीप कुमार, देवानंद और हेमा मालिनी के भी करीबी थे, जिनके साथ उन्होंने कई फिल्मों में काम किया और व्यक्तिगत रूप से भी मजबूत रिश्ते बनाए।संक्षेप में:धर्मेंद्र सबसे बड़े दिलीप कुमार के फैन थे और उनसे दोस्ती की।फिल्मों में आने की प्रेरणा सुरैया के प्रति दीवानगी और फिल्मफेयर न्यू टैलेंट प्रतियोगिता से मिली।उनके प्रमुख दोस्त मनोज कुमार, शत्रुघ्न सिन्हा, अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, फिरोज खान रहे।
धर्मेंद्र के सबसे लोकप्रिय गाने और उनके रिलीज साल इस प्रकार हैं:”पल पल दिल के पास” – फिल्म: प्यार की बातें (1973)”आज मौसम बड़ा बेईमान है” – फिल्म: लोफर (1972)”मैं जट यमला पगला दीवाना” – फिल्म: प्रतिज्ञा (1974)”कुच्छ कहता है यह सावन” – फिल्म: मेरा गांव मेरा देश (1971)”तुझे चोर कहूं या कातिल” – फिल्म: मेहरबानी (1982)”आया सावन झूम के” – फिल्म: आया सावन झूम के (1969)”रफ़्ता रफ़्ता” – फिल्म: कहानी किस्मत की (1973)”साँवना का महीना” – फिल्म: मिलन (1966)”मैं कहीं कवि न बन जाऊं” – फिल्म: प्यार ही प्यार (1969)”गाड़ी बुला रही है” – फिल्म: गाड़ी बुला रही है (1967)धर्मेंद्र के ये गाने मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर, किशोर कुमार और आशा भोसले जैसे महान गायकों ने गाए हैं। इनके अलावा भी उनके कई गाने सुपरहिट हैं जो 1960 से लेकर 1980 के दशक में रिलीज़ हुए थे और आज भी लोकप्रिय हैं





