
(www.csnn24.com) रतलाम नवरात्रि में मां की भक्ति, शौर्य और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला यह दृश्य हर किसी को गर्व और उत्साह से भर देने वाला था।
नवरात्रि में मां के नो रुपों के साथ साथ उनकी आराधना और भक्ति के रुप भी अनेक है गरबा पांडालों में महिलाओं और युवतियों की भक्ति भी अलग है जहां राजपूताना गरबा की एक अलग पहचान है ।
अपनी राजपूत परम्परा और संस्कृति के अनुसार माता रानी और शस्त्र को प्रणाम करते हुए राजपूताना परम्पराओं का आगे बढ़ाते हुए नवरात्रि की सप्तमी पर शहर के सहकारी बैंक कालोनी टेलीफोन नगर में मां आशापुरा मंदिर प्रांगण में राजपूत समाज की अखिल भारतीय क्षत्राणी गुर्प की क्षत्राणीया हाथों में तलवार और अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनें महिलाओं ने गरबा पांडाल में गरबा कर मां की विशेष भक्ति और आराधना करती नजर आई इस गरबा पांडाल में नन्ही क्षत्राणी और सबसे उम्रदराज महिला क्षत्राणी भी हाथों से तलवार से गरबा करती नजर आई विशेषता यह की सभी क्षत्राणीयां अपनी पारंपरिक राजपूताना वेषभूषा में सुसज्जित होकर हाथों में तलवार थामें गरबा कर न केवल मां दुर्गा के प्रति आस्था प्रकट की बल्कि राजपूताना परम्परा, संस्कृति और शौर्य का परिचय भी कराया।





