
www.csnn24.com| रतलाम | मध्य प्रदेश के रतलाम जिला मुख्यालय स्थित बोधि इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार, 28 नवंबर सुबह एक बड़ा हादसा हो गया , जिसमें कक्षा आठ में पढ़ने वाला एक 14 साल के नेशनल लेवल स्केटर छात्र ने स्कूल की बिल्डिंग की तीसरी मंज़िल से छलांग लगा दी, जबकि उसके पिता नीचे बैठकर कैंपस में लड़के के मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करने पर बात करने का इंतज़ार कर रहे थे।
प्राइवेट स्कूल में क्लास 8 के स्टूडेंट रिशन कटारा को सुबह करीब 10:30 तीसरी मंजिल से कूदकर गंभीर रूप से घायल हो गया । घटना सुबह लगभग 10 बजे की बताई जा रही है। छात्रको तुरंत अस्पताल ले जाया गया , जहां उसका इलाज जारी है। छात्र के दोनों पैरों में फ्रैक्चर के साथ गंभीर चोटें आई हैं और सिर व चेहरे पर भी चोटें होने की पुष्टि की गई है |
ये है पूरा मामला
क्लास में मोबाइल लाने और रील बनाने को लेकर छात्र को डांट पड़ी थी। स्कूल प्रशासन पर आरोप है कि उन्होंने छात्र के पिता को बुलाया और उससे पहले छात्र को सस्पेंड करने की धमकी दी। मानसिक रूप से प्रताड़ित होने के बाद छात्र ने स्कूल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। उसकी स्थिति बेहद नाजुक होने के कारण उसे तत्काल रतलाम से अहमदाबाद भेजा गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
सीसीटीवी आने से मचा बवाल
विवाद तब और गहरा गया जब घटना का पूरा निगरानी कैमरा वीडियो फुटेज सामने आया। संगठन का आरोप है कि फुटेज में छात्र को डांटते हुए देखा गया। इसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान हुआ और उसने यह कदम उठाया। वीडियो फुटेज सार्वजनिक होने के बाद आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है। घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्र ने लगभग 50 बार प्रिंसिपल को सॉरी बोला है।
स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग
आक्रोशित परिजन, छात्र की दादी और आदिवासी छात्र संगठन ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर स्कूल का घेराव कर दिया और मुख्य द्वार के बाहर सड़क पर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि स्कूल की मान्यता तत्काल रद्द की जाए और लापरवाही के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार प्रिंसिपल पर प्राथमिकी दर्ज हो। मौके पर तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं लेकिन प्रदर्शनकारी जिला शिक्षा अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
स्कूल के गेट के बाहर सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा कर रहे हैं। उनके साथ छात्र की बुजुर्ग दादी, परिजन और आदिवासी समाज के सदस्य धरने पर डटे हुए हैं। निनामा और समाजजन स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर आकर स्कूल की मान्यता निरस्त करने और प्रधानाचार्य पर कार्रवाई का ठोस आश्वासन नहीं देंगे उनका धरना जारी रहेगा। हंगामे और सड़क पर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस बल सक्रिय हो गया। मौके पर तहसीलदार ऋषभ ठाकुर और थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी भारी पुलिस बल के साथ मौजूद हैं। ये अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे लेकिन आंदोलनकारी जिला शिक्षा अधिकारी को बुलाने की अपनी मांग पर अटल हैं।
स्कूल के बाहर स्थिति तनावपूर्ण
परिजन का आरोप स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही हमारे बच्चे ने इतना बड़ा कदम उठाया है। निगरानी कैमरा वीडियो में सब साफ है प्रधानाचार्य पर प्राथमिकी होनी चाहिए। फिलहाल स्कूल के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन स्थिति को काबू में रखने की पूरी कोशिश कर रहा है लेकिन आंदोलनकारियों के तेवर कड़े हैं।


एक दिन पहले स्कूल से मारी थी बंक
पिता का कहना था कि गुरुवार को भी वह स्कूल के लिए घर से निकला था, लेकिन स्कूल से पता चला है कि वह स्कूल नहीं
आया था। इस पर छात्र ने बताया कि गुरुवार को घर से स्कूल जाने के लिए निकला था, लेकिन स्कूल नहीं गया। तीन-चार दोस्तों
के साथ था। वे मुझे अपने घर ले गए थे। सभी ने स्कूल से बंक मारने का कहा था। दोस्तों ने कहा-चलो कहीं घूमते हैं, क्या करेंगे
स्कूल जाकर। इसके पहले दोस्तों के कहने पर हंसी-मजाक में क्लास रूम का वीडियो बना लिया था, और पहली बार ही
मोबाइल लेकर स्कूल में आया था।
छात्र स्पोर्ट्स का खिलाड़ी
एक टीचर ने कहा- स्पोर्ट्स में अच्छा खिलाड़ी है। स्टेट में जा चुका है। गोल्ड मेडल जीत चुका है, तब मैडम ने कहा कि कोई
बात नहीं, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह नेशनल में गया है या नहीं। इसे रेस्टिकेट करेंगे। इसके जो भी मेडल हैं, वह रख
लेंगे। बाद में उन्होंने मुझे एक क्लास में भेज दिया। बोला कि अभी तुम्हारे पापा आ रहे हैं, फिर तुमसे बात करते हैं – ऐसा बच्चे ने बयान दिया ।
छात्र का कहना है कि प्रिंसिपल ने सस्पेंशन के बाद करियर खत्म होने और मेडल छिन जाने की बात कही। इस दौरान कई बार
माफी मांगने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो मैं काफी डर गया और जो समझ आया, वह कर लिया। बताया जा रहा है कि
बच्चा जिस वक्त कूदा पिता स्कूल के वेटिंग रूम में बैठे हुए थे। घटनाक्रम के बाद वे दौड़कर मौके पर पहुंचे। प्रिंसिपल रूप से
निकलने से लेकर कूदने तक का पूरा घटनाक्रम सिर्फ चार मिनट के भीतर हुआ।

क्लास रूम में बनाया वीडियो इंस्टा पर किया उपलोड
मिली जानकारी के अनुसार छात्र ने क्लास रूम में पढ़ाई के दौरान मोबाइल से वीडियो बनाया था, जिसमें बच्चे बैठे हैं और टीचर
पढ़ा रही थीं। रील को छात्र ने अपने इंस्टा अकाउंट से पोस्ट किया। कुछ छात्रों ने इसे देख तो क्लास टीचर को सूचना दी। क्लास टीचर ने रील का स्क्रीन शॉट लेकर प्रिंसिपल को बताया। इस आधार पर शुक्रवार सुबह छात्र को क्लासरूम से प्रिंसिपल ने बुलाया। परिजनों को भी कॉल कर स्कूल आने को कहा। प्रिंसिपल रूम में छात्र पहुंचा तो यहां प्रिंसिपल के साथ ही अन्य टीचिंग स्टाफ भी चैंबर में मौजूद रहे।
कई सवाल खड़े कर रही है ये घटना ?
मिली जानकारी के अनुसार स्कूल प्रिंसिपल का लहजा काफी सख्त था। प्रिंसिपल के साथ ही यहां अन्य टीचिंग स्टाफ नेभी
छात्र को फटकारा और प्रिंसिपल नेस्कूल सेसस्पेंड करनेकी बात कही। इस दौरान छात्र को डांट फटकार लगाई गई। ये खौफनाक घटना सीसीटीवी में कैद हुई है ! ये खबर और ये तस्वीर…हर माता-पिता को परेशान और सावधान करने वाली है | शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली है ! सवाल ये कि बच्चे ने अगर गलती की और माफी मांग रहा था तो क्या उसे एक मौका नहीं दिया जाना चाहिए था ?क्या इतनी सख्ती बरतना जरूरी था कि एक मासूम अपनी जान देने की कोशिश कर ले ?





